फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india china standoff : Indias military, mercantile and diplomatic stakes China rioting, giving signs of softening

नहीं चलेगी ड्रैगन की दादागिरी, भारत के सैन्य-व्यापारिक और कूटनीतिक दांव से चीन दंग

Fri, 03 Jul 2020 02:33 AM IST
योगेश साहू गुंजन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली।
गुंजन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 03 Jul 2020 02:33 AM IST
सार

  • कूटनीतिक स्तर पर हांगकांग के हालात पर भारत की टिप्पणी और नेपाल में उल्टी पड़ती चाल से असमंजस में चीन
  • एलएसी पर भारत का आक्रामक रुख, भूटान को घसीटने में नाकामी और पाक को मिल रहे जवाब से हताश ड्रैगन

विज्ञापन
india china standoff : Indias military, mercantile and diplomatic stakes China rioting, giving signs of softening
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

पूर्वी लद्दाख समेत करीब 3500 किलोमीटर के पूरे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के बराबर मिरर इमेज की जबरदस्त सैन्य तैयारी, आक्रामक रुख, व्यापारिक स्तर पर लिए जा रहे कड़े फैसले और अब कूटनीतिक स्तर पर हांगकांग के हालात पर अब तक चुप्पी साधे भारत की गंभीर टिप्पणी से चीन के तेवर नरम पड़ने के संकेत मिले हैं।

विज्ञापन


सीमा पर मौजूदा तनातनी के तीसरे महीने में प्रवेश करने के बीच नेपाल में शतरंज के चीनी मोहरे बने पीएम केपी शर्मा ओली का उल्टा पड़ता भारत विरोधी दांव चीन की योजना में खासा खटाई घोल रहा है। इनके इतर मौजूदा तनाव में भूटान को घसीटने की चीन की अब तक की नाकाम कोशिश और पाकिस्तान की तरफ से शैतानी भरी चालों का करारा जवाब मिलता देख चीन पूरी तरह असमंजस में है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), विदेश और रक्षा मंत्रालय के रणनीतिकार इस पूरे हालात की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में भारत का हांगकांग के पूरे हालात पर नजर रखने की टिप्पणी से चीन अवाक है।

अब चीन को अंदेशा है कि हांगकांग के मुद्दे पर भारत के साथ पहले से ही खड़े अमेरिका, फ्रांस और रूस जैसे देश और मुखर होंगे। यह किसी भी सूरत में चीन के लिए उपयुक्त स्थिति नहीं होगी। उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने बताया कि सैन्य-सामरिक और कूटनीतिक स्तर पर सौहार्द्रपूर्ण नतीजे के लिए चल रही बैकचैनल बातचीत में भारत ने अपनी मंशा के बारे में साफ कर दिया है।

यह भी पढ़ें : लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील को खाली नहीं करना चाहता चीन, आसान नहीं आगे की लड़ाई

चीन का दादागिरी रवैया किसी कीमत पर मंजूर नहीं

सूत्रों के मुताबिक भारत ने दो टूक संदेश दे दिया है कि मित्रता का स्तर छोड़ चीन का दादागिरी वाला रवैया भारत को किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। इसके लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि कोर कमांडर स्तर की बातचीत में चीन भले आगे बातचीत जारी रखने की बात कर मामले को खींच रहा हो, मगर उसके तेवर खासे नरम थे।

उधर, औपचारिक कूटनीतिक मंच पर होने वाली बातचीत में भी चीन के सम्मानजनक बाहरी रास्ते से निकल जाने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत के कूटनीतिकार भी चीन को यह रास्ता देने की तैयारी में जुटे हैं।

यह भी पढ़ें : चीन के साथ तनाव के बीच 12 सुखोई और 21 मिग-29 विमान खरीदेगा भारत, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

पाकिस्तान को संदेश, चीन मामले में कूदा तो भुगतने होंगे गंभीर नतीजे

सूत्रों के मुताबिक बैकचैनल के जरिए ही पाकिस्तान को भी संदेश दे दिया गया है कि वह भारत चीन की तनातनी में कूदेगा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसमें चीन ज्यादा मददगार साबित नहीं होगा। मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से लगी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सैन्य जमावड़ा हमले के लिए नहीं, बल्कि अपने बचाव के लिए कर रहा है।

उसे गंभीर डर है कि दोनों मोर्चे पर लड़ने में पूरी तरह सक्षम भारतीय सेना कहीं पीओके में मोर्चा ना खोल दे। सेना के उच्च अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान को मालूम है कि कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत के तहत पाकिस्तानी मोर्चे पर कार्रवाई के लिए भारत को किसी बड़े तैयारी की जरूरत नहीं।

लौटने के सारे रास्ते नष्ट कर दुश्मन को अपनी मंशा जताना सटीक रणनीति

सेना के उत्तरी कमान के कमांडर और 2016 में पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के अगुवा रहे लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि चीन के कब्जे वाले इलाके के इर्द-गिर्द सिर्फ सैन्य जमावड़े से समाधान नहीं निकलने वाला। हुड्डा के मुताबिक कभी-कभी यह अच्छी रणनीति होती है कि सेना आगे बढ़ कर पीछे हटने के सारे रास्ते नष्ट कर दे।

इससे आपके किसी भी हद तक जाने की ठोस मंशा साफ हो जाती है और दुश्मन की मनोदशा पर जबरदस्त प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि दुश्मन के दिमाग में अपनी मंशा साफ तौर पर प्रदर्शित करना सटीक रणनीति है। सरकार ने चीन को चौतरफा घेर कर काफी हद तक अपनी मंशा साफ कर दी है।

यह भी पढ़ें : भारत की पाक को दो टूक, आतंकी को शहीद बताने वाले खुद को पहले आइने में देखें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed