भारत-चीन सीमा विवाद: सेना को मिली खुली छूट, रोकी गई बातचीत
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पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें 20 जवान शहीद हो गए हैं। अब खबर है कि लद्दाख में सेना को खुली छूट दी गई है और बातचीत रोक दी गई है। कमांडर मौके पर फैसला ले सकेंगे। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। वहीं श्रीनगर-लेह हाईवे पर गांदरबल से आगे वाहनों की आम आवाजाही रोक दी गई है। केवल जरूरी वाहनों को छूट है।
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। फिलहाल एलएसी पर तनाव बरकरार है। वहीं रक्षा मंत्री ने कहा कि देश इन वीर जवानों का बलिदान कभी नहीं भूलेगा। इस कठिन घड़ी में देश उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
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उन्होंने कहा, 'राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मैं शहीद हुए सैनिकों के परिवारों के साथ खड़ा हूं। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत की वीरता के शौर्य और साहस पर गर्व है। गलवां घाटी में सैनिकों की शहादत परेशान करने वाली और दुखदायी है। हमारे सैनिकों ने अनुकरणीय साहस और वीरता को प्रदर्शित किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया।'
The loss of soldiers in Galwan is deeply disturbing and painful. Our soldiers displayed exemplary courage and valour in the line of duty and sacrificed their lives in the highest traditions of the Indian Army.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 17, 2020