MEA: भारत-चीन के बीच जल्द शुरू होगी सीधी हवाई सेवा, वीजा मिलना भी होगा आसान; नदियों पर भी साझा करेंगे डाटा
MEA: विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग ने भारत-चीन संबंधों को स्थिर और मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने और लोगों से जुड़ी पहलों को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
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भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा जल्द ही बहाल हो सकती है। साथ ही दोनों देशों के बीच वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने और अंतरराष्ट्रीय नदियों पर डाटा साझा करने जैसे अहम कदमों पर भी सहमति बनी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग के बीच शुक्रवार को हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर भी सहमति बनी। वेइदोंग दो दिवसीय भारत यात्रा पर बृहस्पतिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। बैठक में दोनों देशों ने सीधी उड़ान को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने पर सहमति जताई है। नए हवाई सेवा समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवां में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद द्विपक्षीय और कूटनीतिक रिश्तों में तनाव आ गया था। कोविड महामारी और संघर्ष के चलते दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवा बंद कर दी गई थी। इसके अलावा सीमा पर तनाव के माहौल के बीच दोनों देशों ने व्यापार के क्षेत्र में भी एक दूसरे के खिलाफ कदम उठाए थे।
हाइड्रोलॉजिकल डाटा साझा होगा
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों से संबंधित नदियों पर अप्रैल 2025 में विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की बैठक में हुई चर्चाओं का जिक्र हुआ। दोनों देशों ने नदियों के संदर्भ में फिर से हाइड्रोलॉजिकल डाटा साझा करने पर हामी भरी। इससे जल प्रबंधन, बाढ़ चेतावनी और पर्यावरण सहयोग में मदद मिलेगी।
भविष्य में सहयोग के नए अवसर
मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की बैठकें दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करती हैं और भविष्य में सहयोग के नए अवसर देती हैं। भारत और चीन के बीच बेहतर संबंध न केवल दोनों देशों, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद होंगे। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में सुन ने कहा कि दोनों पक्षों को विवादों और मतभेदों को उचित तरीके से संभालना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता बनाए रखने में संयुक्त रूप से रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
वीजा प्रक्रिया बनाई जाएगी आसान
मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधों को स्थिर और प्रगाढ़ बनाने पर सहमति जताई। इसके तहत वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने, मीडिया और थिंक टैंक्स के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए भी व्यावहारिक कदम उठाने पर रजामंदी हुई।
आर्थिक और व्यापार संबंधी मुद्दों को हल करने पर भी रजामंदी बनी
मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने आर्थिक और व्यापार संबंधी मुद्दों पर भी बात की। इसमें बाजार पहुंच और गैर टैरिफ बाधाएं भी शामिल हैं। दोनों पक्षों ने इन मुद्दों को हल करने के लिए कार्यात्मक संवाद शुरू करने पर भी सहमति जताई।
अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग करेंगे दोनों देश
दोनों देश अन्य क्षेत्रों में सहयोग और विश्वास बहाली पर भी राजी हुए। दोनों पक्ष 2025 में अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इसके लिए सांस्कृतिक ओर जनकेंद्रित गतिविधियों को बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारत ने चीन को सराहा
विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश सचिव मिस्री ने इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए चीन के सहयोग की सराहना की। जनवरी में हुई बैठक में यात्रा शुरू करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। इसका औपचारिक एलान अप्रैल में किया गया था।
आतंकवाद से जंग में दोहरा मानदंड नहीं
चीन ने पाकिस्तान से घनिष्ठ संबंधों के चलते आतंकवाद से निपटने में अपनी ओर से किसी भी दोहरे मानदंडों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, आतंकवाद से लड़ने पर चीन का रुख स्पष्ट है। वह सभी प्रकार के आतंकवाद का ठोस मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। लिन ने यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर की फ्रांस में की गई टिप्पणियों पर की। जयशंकर ने कहा था कि चीन पाकिस्तान से दोस्ती के चलते आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंड नहीं अपना सकता है। एजेंसी
जनवरी में हुई थी दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की शुरुआत
दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त को लेकर पिछले साल अक्तूबर में समझौता किया था। इस पहल के बाद 2020 से जारी गतिरोध खत्म हो गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों नेताओं ने इस साल 27 जनवरी को बीजिंग में हुई मुलाकात के बाद भारत-चीन संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों ने लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने पर सहमति जताई।
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