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India-Bhutan Ties: भारत-भूटान सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय बैठक, नई रणनीति और रोडमैप पर हुई चर्चा
Thu, 23 Oct 2025 07:33 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Thu, 23 Oct 2025 07:33 PM IST
सार
भारत और भूटान ने थिम्फू में उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा, द्विपक्षीय सहयोग और मोबाइल सिग्नल स्पिलओवर पर चर्चा की। दोनों देशों ने इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और पुलिस क्षमता निर्माण सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार किया।
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भारत और भूटान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
भारत और भूटान ने थिम्फू में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन और मोबाइल सिग्नल स्पिलओवर जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। यह बैठक भारत-भूटान सीमा प्रबंधन और सुरक्षा पर चौदहवीं बैठक थी, जिसमें दोनों देशों ने भविष्य के इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और पुलिस क्षमता निर्माण पर भी विचार किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना था। भारतीय पक्ष की अगुवाई राजेंद्र कुमार, सचिव, सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय ने की, जबकि भूटानी पक्ष का नेतृत्व सोनम वांग्येल, सचिव, गृह मंत्रालय ने किया। दोनों पक्षों ने सीमा स्तंभों के रखरखाव और सीमा पार आवागमन के मुद्दों पर भी चर्चा की।
सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा
बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग के व्यापक पहलुओं पर विचार किया गया। इसमें सीमाओं पर निगरानी, मोबाइल सिग्नल के प्रभाव, सीमा सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण और औद्योगिक चेक पोस्ट की योजना शामिल थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सशस्त्र सीमा बल, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी, दूरसंचार विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, कस्टम्स और असम, पश्चिम बंगाल, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश सरकारों के अधिकारी शामिल थे।
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दोनों देशों की प्रतिबद्धता
दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक चर्चा की संतुष्टि व्यक्त की और सीमा क्षेत्रों में सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प दोहराया। बैठक में पारंपरिक और नए क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति बनी।
मॉडल के रूप में द्विपक्षीय संबंध
भारत और भूटान के रिश्ते भूगोल, संस्कृति और जन-जन के संबंधों पर आधारित हैं। दोनों देशों ने अपने स्थायी साझेदारी को क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। पिछली इस तरह की बैठक 2019 में हुई थी। इस बार की बैठक ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
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बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना था। भारतीय पक्ष की अगुवाई राजेंद्र कुमार, सचिव, सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय ने की, जबकि भूटानी पक्ष का नेतृत्व सोनम वांग्येल, सचिव, गृह मंत्रालय ने किया। दोनों पक्षों ने सीमा स्तंभों के रखरखाव और सीमा पार आवागमन के मुद्दों पर भी चर्चा की।
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सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा
बैठक में द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग के व्यापक पहलुओं पर विचार किया गया। इसमें सीमाओं पर निगरानी, मोबाइल सिग्नल के प्रभाव, सीमा सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण और औद्योगिक चेक पोस्ट की योजना शामिल थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सशस्त्र सीमा बल, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी, दूरसंचार विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, कस्टम्स और असम, पश्चिम बंगाल, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश सरकारों के अधिकारी शामिल थे।
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दोनों देशों की प्रतिबद्धता
दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक चर्चा की संतुष्टि व्यक्त की और सीमा क्षेत्रों में सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प दोहराया। बैठक में पारंपरिक और नए क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति बनी।
मॉडल के रूप में द्विपक्षीय संबंध
भारत और भूटान के रिश्ते भूगोल, संस्कृति और जन-जन के संबंधों पर आधारित हैं। दोनों देशों ने अपने स्थायी साझेदारी को क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। पिछली इस तरह की बैठक 2019 में हुई थी। इस बार की बैठक ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
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