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India Sri Lanka Ties: भारत और श्रीलंका में रक्षा-ऊर्जा समेत कई समझौते; PM मोदी बोले- सुरक्षा हित आपस में जुड़े

Mon, 16 Dec 2024 03:42 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 16 Dec 2024 03:42 PM IST
सार

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नई 
दिल्ली में दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। 

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India and Sri Lanka exchange MoUs in the presence of PM Modi and Sri Lankan President in Delhi news update
श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भारत के दौरे पर हैं। राजकीय यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में दिसानायके का स्वागत किया। इस मौके पर दोनों देशों ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। 

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विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत-श्रीलंका साझेदारी में एक नया मील का पत्थर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व में भारत और श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने व्यापक भारत-श्रीलंका साझेदारी की समीक्षा की और दोनों देशों के साथ-साथ क्षेत्र के पारस्परिक लाभ के लिए संबंधों को गहरा करने के रोडमैप पर सहमति व्यक्त की।'
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डिजिटल बनाने में जबरदस्त सफलता हासिल
इसके बाद, पीएम मोदी और दिसानायके ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा, 'भारत ने सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बनाने में जबरदस्त सफलता हासिल की है। श्रीलंका भी उसी मार्ग पर चल रहा है। पीएम मोदी ने मुझे इस कोशिश में समर्थन देने का आश्वासन दिया है।' 
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पीएम मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति का जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति दिसानायके का भारत में स्वागत करता हूं। हमें खुशी है कि राष्ट्रपति के रूप में आपने अपनी पहली विदेश राजकीय यात्रा के लिए भारत को चुना है। आज की यात्रा से हमारे संबंधों में नई गति और ऊर्जा का संचार हो रहा है। हमारी साझेदारी के लिए हमने एक भविष्योन्मुखी दृष्टि अपनाई है। हमारे आर्थिक सहयोग में, हमने निवेश-आधारित विकास और कनेक्टिविटी पर बल दिया है। हमने तय किया है कि भौतिक, डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी हमारी साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे। बिजली ग्रिड कनेक्टिविटी और मल्टी पेट्रोलियम पाइपलाइन के लिए काम किया जाएगा।'

उन्होंने कहा, 'जब पाली भाषा को भारत में शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था, तो इसे श्रीलंका में भी मनाया गया था। फेरी सेवा और चेन्नई-जाफना उड़ान संपर्क ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है और हमारे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया है। हमने फैसला किया है कि नागपट्टिनम और कांकेसंथुरई फेरी सेवाओं की सफल शुरुआत के बाद अब भारत में रामेश्वरम से तलाईमन्नार के बीच फेरी सेवा शुरू की जाएगी।'

'श्रीलंका के विकास में भारत एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा'
उन्होंने आगे कहा, 'बौद्ध सर्किट और श्रीलंका के रामायण ट्रेल के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए भी काम किया जाएगा। हमने मछुआरों की आजीविका से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमने श्रीलंका में निर्माण और सुलह के बारे में भी बात की। राष्ट्रपति दिसानायके ने मुझे अपने समावेशी दृष्टिकोण के बारे में बताया। हमें उम्मीद है कि श्रीलंका सरकार तमिलों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी और श्रीलंका के संविधान को पूरी तरह लागू करने तथा प्रांतीय परिषद चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगी। मैंने राष्ट्रपति दिसानायके को आश्वस्त किया है कि श्रीलंका के विकास के प्रयासों में भारत कई तरीकों से एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा।'

नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हम पूरी तरह से सहमत हैं कि हमारे सुरक्षा हित आपस में जुड़े हुए हैं। हमने रक्षा सहयोग समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। हाइड्रोग्राफी पर भी सहयोग पर सहमति हुई है। हम मानते हैं कि कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के लिए एक अहम मंच है। इसके तहत समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, साइबर सुरक्षा, तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई, मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा। भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच आपसी संबंध हमारी सभ्यताओं से जुड़े हुए हैं।'



अब तक पांच अरब डॉलर की दी सहायता: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'भारत ने श्रीलंका को अब तक पांच अरब डॉलर की क्रेडिट लाइन और अनुदान सहायता प्रदान की है। श्रीलंका के सभी 25 जिलों में हमारा सहयोग है और हमारी परियोजनाओं का चयन हमेशा साझेदार देशों की विकास प्राथमिकताओं पर आधारित होता है। अपने विकास सहयोग को आगे बढ़ाते हुए हमने तय किया है कि महो-अनुराधापुरम रेलवे सेक्शन और कांकेसंथुरई पोर्ट के सिग्नलिंग सिस्टम के पुनर्वास के लिए अनुदान सहायता दी जाएगी। शिक्षा सहयोग के तहत अगले साल से जाफना और पूर्वी प्रांत के विश्वविद्यालयों में 200 छात्रों को मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। अगले पांच वर्षों में श्रीलंका के 1500 सिविल सेवकों को भारत में प्रशिक्षण किया जाएगा। आवास, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के साथ, भारत श्रीलंका में कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन के विकास के लिए भी सहयोग करेगा। भारत श्रीलंका में यूनिक डिजिटल पहचान परियोजना में भी भाग लेगा।'

दोनों देशों के बीच सहयोग को और विकसित करने का मार्ग प्रशस्त
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, 'श्रीलंका का राष्ट्रपति बनने के बाद यह मेरी विदेश यात्रा है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं अपनी पहली राजकीय यात्रा पर दिल्ली आ सका। मुझे निमंत्रण देने के लिए और गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए मैं भारत को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और विकसित करने का मार्ग प्रशस्त किया।'

उन्होंने कहा, 'हम मछुआरों के मुद्दे का एक स्थायी समाधान खोजना चाहते हैं, जो हमारे दोनों देशों के लिए एक परेशानी का मुद्दा है। उस क्षेत्र में मछुआरों द्वारा बॉटम ट्रॉलिंग सिस्टम अपनाया जा रहा है और इसे समाप्त करने की आवश्यकता है क्योंकि यह इस उद्योग के लिए खतरनाक होगा।'


भारत ने हमारी काफी मदद की
उन्होंने आगे कहा, 'हमने करीब दो साल पहले एक अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना किया था। उस समय भारत ने हमारा भरपूर समर्थन किया। इतना ही नहीं बाद में भी काफी मदद की, खासकर ऋण मुक्त संरचना प्रक्रिया में। मैं जानता हूं कि श्रीलंका भारत की विदेश नीति में बहुत अहम स्थान रखता है। पीएम मोदी ने हमें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह हमेशा श्रीलंका की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे।'

राष्ट्रपति ने कहा, 'सामाजिक सुरक्षा और टिकाऊ विकास वे आधारशिला हैं, जिनके आधार पर हमारे देशों के लोगों ने हम दोनों को सत्ता में चुना है। यह वह संसद है जिसमें एक ही दल के संसद सदस्यों की संख्या सबसे अधिक है। इतिहास में हमारे पास इस तरह की रचना कभी नहीं थी। नेशनल पीपुल्स पावर ने हाल ही में संपन्न राष्ट्रपति चुनाव और आम चुनाव में ऐतिहासिक चुनावी जीत हासिल की। श्रीलंका के लोगों द्वारा व्यक्त किए गए संदेश ने श्रीलंका में एक नई संस्कृति के उभरने का मार्ग प्रशस्त किया। लोगों ने हम पर विश्वास जताया है। देश के सभी हिस्सों के लोग, जो सभी पंथों, पंथों और धर्मों से संबंधित हैं, ने हमें वोट दिया है। विविधता लोकतंत्र की आधारशिला है।'


उन्होंने कहा, 'मैंने भारत के प्रधानमंत्री को यह भी आश्वासन दिया है कि हम अपनी जमीन का किसी भी तरह से भारत के हितों के लिए हानिकारक उपयोग नहीं होने देंगे। भारत के साथ सहयोग निश्चित रूप से बढ़ेगा और मैं भारत के प्रति अपने निरंतर समर्थन का आश्वासन देना चाहता हूं।'

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