Ebola Outbreak: इबोला पर WHO ने घोषित किया आपातकाल; सरकार ने दी इन देशों की यात्रा से बचने की सलाह
कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान में इबोला वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसके मद्देनजर भारत सरकार ने इन देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इबोला रोग के प्रकोप को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के चल रहे प्रकोप को 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' भी घोषित किया है।
ये भी पढ़ें: Sun Corona Heat: सूरज की भीषण गर्मी का खुला रहस्य, कोरोना में छिपी चुंबकीय तरंगें बना रहीं लाखों डिग्री तापमान
डब्ल्यूएचओ ने की अस्थायी सिफारिशें
विश्व स्वास्थ्य संगठन की आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई को रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं। इन सिफारिशों में बुंडिबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों से आने वाले बिना किसी स्पष्टीकरण के बुखार वाले यात्रियों का पता लगाना, उनका मूल्यांकन करना, रिपोर्ट करना और प्रबंधन करना शामिल है। इसके साथ ही बुंडिबुग्यो वायरस का पता लगने वाले क्षेत्रों में यात्रा को हतोत्साहित करने की भी सलाह दी गई है।
WHO Declares Ebola Outbreak a Public Health Emergency of International Concern; Africa CDC Declares Public Health Emergency of Continental Security. Government of India Advises Citizens to Avoid Non-Essential Travel to Democratic Republic of the Congo, Uganda and South Sudan.
— ANI (@ANI) May 24, 2026
In… pic.twitter.com/na0aqU51TR
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, को रोग के संचरण का उच्च जोखिम वाला माना गया है। इबोला रोग वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाला एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें मृत्यु दर अधिक होती है। वर्तमान में, बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग को रोकने या उसका इलाज करने के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं हैं।
भारत में कोई मामला नहीं
भारत में बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण इबोला रोग का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और अन्य प्रभावित देशों के हालातों को देखते हुए और डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों के अनुरूप, भारत सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों को आगे की सूचना तक कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
ये भी पढ़ें: चप्पे-चप्पे पर पहरा: फलता विधानसभा में मतगणना शुरू, पुनर्मतदान के बाद अब परिणाम पर नजर
उन भारतीय नागरिकों को जो वर्तमान में इन देशों में रह रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.