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केरल: बढ़ते उत्पीड़न को देख राज्य सरकार ने बदले नियम, सभी जिलों में 'दहेज निषेध अधिकारी' तैनात
Sat, 17 Jul 2021 03:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 17 Jul 2021 03:48 PM IST
सार
केरल सरकार ने राज्य के सभी 14 जिलों में दहेज निषेध अधिकारियों को तैनात किया है। राज्य में दहेज के बढ़ते मामलों के कारण यह निर्णय लिया गया है। पहले यह पद सिर्फ तीन जिलों में था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल में दहेज उत्पीड़न के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अपनी दहेज निषेध नियमावली में बदलाव कर सभी 14 जिलों में 'दहेज निषेध अधिकारी' की तैनाती की है ताकि इन शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके।
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केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि दहेज निषेध अधिकारी का पद पहले से ही क्षेत्रीय आधार पर तीन जिलों- तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में ही था। अब इसका विस्तार सभी जिलों में किया गया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ही प्रत्येक जिले में दहेज निषेध अधिकारी के तौर पर काम करेंगे।
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उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत महिला एवं बाल विकास निदेशक को मुख्य दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। जॉर्ज ने कहा कि दहेज निषेध अधिकारी की नियुक्ति की पहल सरकार द्वारा दहेज के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है।
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