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चीन का अमेरिका पर तंज: 'भारत-चीन की तरक्की मेहनत से, किसी की मेहरबानी से नहीं', कुछ ताकतें डालना चाहती हैं फूट
Fri, 27 Mar 2026 02:18 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:18 AM IST
सार
भारत में चीन के राजदूत ने दोनों देशों की तरक्की मेहनत से हुई है, न कि किसी के मेहरबानी से हुई है। जू फेइहोंग ने इस दौरान यह भी कहा कि कुछ ताकतें भारत और चीन के बीच फूट डालना चाहती हैं।
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जू फेइहोंग, चीनी राजदूत
- फोटो : ANI
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विस्तार
नई दिल्ली में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने बिना नाम लिए अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की तेज तरक्की किसी बाहरी देश की मदद से नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और समझदारी से हुई है। उनका यह बयान उस समय आया जब हाल ही में अमेरिका के एक बड़े अधिकारी ने कहा था कि चीन की आर्थिक ताकत बढ़ाने में अमेरिका की भूमिका एक गलती थी।
भारत-चीन की सफलता का कारण
चीन के राजदूत ने साफ कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत और चीन ने जो विकास किया है, वह पूरी तरह अपने लोगों की मेहनत और बुद्धिमत्ता का नतीजा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूर मदद करता है, लेकिन असली ताकत अपने देश के लोगों की मेहनत ही होती है।
यह भी पढ़ें - Social Media: बच्चों में सोशल मीडिया की लत बनी चुनौती, केंद्रीय मंत्री वैष्णव बोले- नियमन पर आम सहमति जरूरी
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दोनों देशों को साथ चलने की सलाह
जू फेइहोंग ने भारत और चीन को अलग न होने वाले पड़ोसी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अच्छे दोस्त और साझेदार बनकर एक-दूसरे की तरक्की में मदद करनी चाहिए। उन्होंने ड्रैगन-एलिफेंट टैंगो का जिक्र करते हुए कहा कि अगर दोनों देश साथ चलते हैं, तो दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
फूट डालने की कोशिश का आरोप
चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि कुछ देश नहीं चाहते कि भारत और चीन के रिश्ते अच्छे हों। उनका आरोप है कि ये ताकतें जानबूझकर 'चीन खतरा' जैसी बातें फैलाती हैं, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव बना रहे और उन्हें फायदा मिले।
ग्लोबल साउथ के लिए संयुक्त भूमिका
उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दोनों ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के बड़े और अहम देश हैं। इसलिए दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि विकासशील देशों के हितों की रक्षा हो और दुनिया में संतुलन बना रहे। राजदूत ने युवाओं से कहा कि वे खुद सोचें और किसी एकतरफा जानकारी में न फंसें। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और समझ से ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें - Population: राष्ट्रीय जनसंख्या नीति लागू करे केंद्र सरकार, भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी से की ये मांग
चीनी राजदूत के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि वह भारत के साथ रिश्ते सुधारने और मजबूत करने की बात कर रहा है, लेकिन साथ ही अमेरिका और पश्चिमी देशों पर भी निशाना साध रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि भारत इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और आने वाले समय में भारत-चीन संबंध किस दिशा में जाते हैं।
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भारत-चीन की सफलता का कारण
चीन के राजदूत ने साफ कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत और चीन ने जो विकास किया है, वह पूरी तरह अपने लोगों की मेहनत और बुद्धिमत्ता का नतीजा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूर मदद करता है, लेकिन असली ताकत अपने देश के लोगों की मेहनत ही होती है।
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दोनों देशों को साथ चलने की सलाह
जू फेइहोंग ने भारत और चीन को अलग न होने वाले पड़ोसी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अच्छे दोस्त और साझेदार बनकर एक-दूसरे की तरक्की में मदद करनी चाहिए। उन्होंने ड्रैगन-एलिफेंट टैंगो का जिक्र करते हुए कहा कि अगर दोनों देश साथ चलते हैं, तो दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
फूट डालने की कोशिश का आरोप
चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि कुछ देश नहीं चाहते कि भारत और चीन के रिश्ते अच्छे हों। उनका आरोप है कि ये ताकतें जानबूझकर 'चीन खतरा' जैसी बातें फैलाती हैं, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव बना रहे और उन्हें फायदा मिले।
ग्लोबल साउथ के लिए संयुक्त भूमिका
उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दोनों ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के बड़े और अहम देश हैं। इसलिए दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि विकासशील देशों के हितों की रक्षा हो और दुनिया में संतुलन बना रहे। राजदूत ने युवाओं से कहा कि वे खुद सोचें और किसी एकतरफा जानकारी में न फंसें। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और समझ से ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
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चीनी राजदूत के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि वह भारत के साथ रिश्ते सुधारने और मजबूत करने की बात कर रहा है, लेकिन साथ ही अमेरिका और पश्चिमी देशों पर भी निशाना साध रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि भारत इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और आने वाले समय में भारत-चीन संबंध किस दिशा में जाते हैं।