Social Media: बच्चों में सोशल मीडिया की लत बनी चुनौती, केंद्रीय मंत्री वैष्णव बोले- नियमन पर आम सहमति जरूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों में सोशल मीडिया की बढ़ती लत को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास की सुरक्षा के लिए प्रभावी नियमन और वैश्विक सहमति जरूरी है।
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केंद्रीय आईटी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सोशल मीडिया के प्रति बढ़ता आकर्षण गंभीर समस्या है। अब समय आ गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नवाचार और प्रभावी नियमन के बीच सही संतुलन बनाने के लिए देश में एक व्यापक आम सहमति बनाई जाए।
बृहस्पतिवार को एक निजी चैनल के कार्यक्रम में मंत्री ने अमेरिका की एक अदालत के हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें सोशल मीडिया कंपनियों को उनके एडिक्टिव एल्गोरिदम (लत लगाने वाली तकनीक) के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। दुनिया भर के डिजिटल मंत्री इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ये प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विकास को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सरकार ने उठाया है सख्त कदम
भारत के कई राज्यों ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। कर्नाटक सरकार ने 16 वर्ष से कम और आंध्र प्रदेश ने 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की घोषणा की है। पिछले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी संकेत दिया था कि भारत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध की वैश्विक मुहिम में शामिल हो सकता है। अश्विनी वैष्णव ने मीडिया घरानों से भी इस विमर्श में सहयोग करने की अपील की है।
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