तस्वीरें: लॉकडाउन से पर्यावरण में पड़ी जान, गंगा-यमुना का पानी हुआ साफ, काठमांडू से हिमालय का दीदार
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कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के ज्यादातर देशों ने अपने यहां लॉकडाउन किया हुआ है। लॉकडाउन के चलते लोग घरों में रहे रहे हैं। फैक्ट्रियां और कारखाने बंद हैं। सड़कों से ट्रैफिक एक दम गायब है। लॉकडाउन के चलते पर्यावरण में काफी सुधार आया है। प्रदूषण की मार झेल रही दुनिया को अब इससे काफी हद तक राहत मिली है।
जो देश या शहर स्वच्छ हवा के लिए तरस गए थे आज वहां की हवा की गुणवत्ता काफी अच्छी हो गई है। भारत में गंगा और यमुना के पानी में काफी सुधार आया है। दिल्ली में जिस हवा का स्तर काफी खराब हो गया था अब वहां की हवा में जबरदस्त बदवाल आया है।
गंगा के पानी में आया सुधार
भारत में लॉकडाउन के चलते व्यावसायिक और आम गतिविधियां बंद होने से गंगा नदी के पानी की क्वालिटी सुधरने लगी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के प्रदूषण में 40-50 फीसदी सुधार आया है। अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी जिस गंगा को स्वच्छ करने का उचित परिणाम नहीं दिख रहा था अब उसमें लॉकडाउन की वजह से काफी असर पड़ा है। गंगा के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ गई है।
काठमांडू से हिमालय का दीदार
भारत और नेपाल के कई शहरों में हवा की क्वालिटी में बहुत जबरदस्त सुधार आया है। जालंधर की तरह नेपाल की राजधानी काठमांडू से भी अब हिमालय साफ दिखने लगा है।
वेनिस में फिर से दिखीं मछली
इटली के शहर वेनिस का करोड़ों सैलानियों के आने के कारण काफी बुरा हाल हो गया था। गंदा पानी और क्रूज का प्रदूषण वेनिस की पहचान सी बन गए थे, लेकिन अब वेनिस का माहौल एक दम साफ है। लॉकडाउन की वजह से वेनिस के पानी में एक बार फिर से मछलियां साफ दिखने लगी हैं।
यमुना दिख रही साफ
यमुना के पानी में इस समय काफी सुधार आया है। यमुना में अब बदबू और दूर-दूर तक गंदगी का एहसास नहीं होता। विशेषज्ञ कहते हैं कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि दिल्ली में यमुना इतनी साफ हो जाएगी।
जर्मनी में छाई शांति
विकसित औद्योगिक देश जर्मनी में भी इन दिनों काफी शांति है। सड़कों पर बहुत कम कारें, आसमान में कहीं-कहीं हवाई जहाज और फैक्ट्रियों में भी बहुत ही कम काम हो रहा है। अनुमान के मुताबिक अगर कार्बन उत्सर्जन का स्तर ऐसा ही कम रहा तो जर्मनी 2020 के लिए तय जलवायु परिवर्तन संबंधी लक्ष्य हासिल कर लेगा।