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गंगा को स्वच्छ रखने के अलावा आपका इलाज भी करेंगे 16 औषधीय पौधे
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Nov 2018 07:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अब 16 औषधीय पौधों की मदद ली जा रही है। ये ऐसे पौधे हैं जो गंगा को निर्मल बनाने में सहयोग देंगे ही, साथ-साथ लोगों की छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज भी इन पौधों की मदद से हो जाएगा। गोमुख से लेकर गंगासागर तक करीब 2525 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करने वाली गंगा के किनारे में पांच-पांच किलोमीटर के अंतराल पर ये पौधे लगाए जा रहे हैं। देहरादून स्थित वन शोध संस्थान की सलाह पर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा एनएमसीजी द्वारा लोकल एजेंसियों और विभागों के सहयोग इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
एनएमसीजी के डीजी राजीव रंजन मिश्रा का कहना है कि गंगा स्वच्छता अभियान एक नियमित प्रक्रिया है। समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जुड़ना होगा। जब तक सभी वर्ग इस मिशन से नहीं जुड़ेंगे, तब तक गंगा को पूरी तरह साफ रखना मुश्किल होगा। यही वजह है कि गंगा सफाई के लिए जितने भी प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं, उनमें किसी न किसी तरह आम जन की भागेदारी सुनिश्चित की गई है।
वन शोध संस्थान की रिपोर्ट पर गंगा के किनारे करीब 1,34,106 हैक्टेयर में औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें आंवला, सैमल, जाकूब, कचनार, बैंबू, करोंदा, बेर, अश्वगंधा, कड़ी पत्ता, धृत कुमाारी, बेहड़ा, जटरोफ़ा, हरड़, धतूरा, बेल और सर्पगंधा शामिल हैं।
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एनएमसीजी के मुताबिक, ये ऐसे पौधे हैं जो लोगों को कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाते हैं। किसी पौधे के पत्ते तो किसी का फल बीमारियों को दूर करता है। इन पौधों को लगाने के लिए कम्पनसियेटरी फंड अफोरेस्टेशन फंड मेनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी द्वारा वित्तीय मदद दी जा रही है और साथ ही एनएमसीजी ने इसके लिए दो सौ करोड़ रुपये दिए हैं।
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एनएमसीजी के डीजी राजीव रंजन मिश्रा का कहना है कि गंगा स्वच्छता अभियान एक नियमित प्रक्रिया है। समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जुड़ना होगा। जब तक सभी वर्ग इस मिशन से नहीं जुड़ेंगे, तब तक गंगा को पूरी तरह साफ रखना मुश्किल होगा। यही वजह है कि गंगा सफाई के लिए जितने भी प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं, उनमें किसी न किसी तरह आम जन की भागेदारी सुनिश्चित की गई है।
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वन शोध संस्थान की रिपोर्ट पर गंगा के किनारे करीब 1,34,106 हैक्टेयर में औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें आंवला, सैमल, जाकूब, कचनार, बैंबू, करोंदा, बेर, अश्वगंधा, कड़ी पत्ता, धृत कुमाारी, बेहड़ा, जटरोफ़ा, हरड़, धतूरा, बेल और सर्पगंधा शामिल हैं।
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एनएमसीजी के मुताबिक, ये ऐसे पौधे हैं जो लोगों को कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाते हैं। किसी पौधे के पत्ते तो किसी का फल बीमारियों को दूर करता है। इन पौधों को लगाने के लिए कम्पनसियेटरी फंड अफोरेस्टेशन फंड मेनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी द्वारा वित्तीय मदद दी जा रही है और साथ ही एनएमसीजी ने इसके लिए दो सौ करोड़ रुपये दिए हैं।