Assam: 'बंटवारा याद रखना जरूरी, ताकि यह गलती फिर से न हो', विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हिमंत का बड़ा बयान
Assam: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि विभाजन को याद रखना जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह का नरसंहार दोहराया न जाए और भारत फिर कभी विभाजित न हो।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि विभाजन को याद रखना जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह का नरसंहार दोहराया न जाए और भारत फिर कभी विभाजित न हो। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन से प्रभावित कई लोग अपने जीवन का पुनर्निर्माण कर सके, अन्य इतने भाग्यशाली नहीं थे और अभी भी अकल्पनीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'यह भारत के लिए काला दिन है। अंग्रेजों ने भारत को विभाजित किया और दो देश बनाए। इससे कई परिवारों पर संकट आया, कई लोगों को अपनी जान-माल से हाथ धोना पड़ा।'
उन्होंने कहा, '2021 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमसे इस दिन को मनाने का आग्रह किया ताकि हम विभाजन की भयावहता को न भूलें...इसे याद रखें ताकि इस तरह को नरसंहार को दोहराया न जा सके।' सरमा ने कहा, 'हम पाकिस्तान या किसी अन्य देश के लिए बुरा नहीं चाहते। लेकिन विभाजन मुस्लिम लीग और उसके समर्थकों ने हम पर थोपा था। हमें इसे याद रखना होगा ताकि भारत में फिर से विभाजन न हो।'
उन्होंने विभाजन के बाद प्रभावित लोगों की मदद के लिए आरएसएस सहित विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए मानवीय कार्यों को भी याद किया। सरमा ने कहा, विभाजन एक भूकंप की तरह था, जिसके बाद के झटके आज भी महसूस किए जाते हैं।
'परिसीमन के बाद जल्द शुरू होंगे प्रशासनिक कार्य'
मुख्यमंत्री सरमा ने आज यह भी कहा कि राज्य सरकार विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन के बाद जल्द ही प्रशासनिक पुनर्गठन का काम शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि अंतिम परिसीमन रिपोर्ट के खिलाफ कुछ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन लोगों को इसे वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना होगा।
चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा 11 अगस्त को प्रकाशित परिसीमन पर अंतिम रिपोर्ट में असम में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 126 और लोकसभा सीटों की संख्या 14 बरकरार रखी गई है। हालांकि, इस मसौदा अधिसूचना में उल्लिखित एक संसदीय और 19 विधानसभा क्षेत्रों के नामकरण को संशोधित किया गया है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि 19 विधानसभा और दो लोकसभा सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि नौ विधानसभा और एक लोकसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित की गई हैं। सरमा ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा,'चुनाव आयोग ने अंतिम रिपोर्ट दे दी है। परिसीमन की अधिसूचना भारत के राष्ट्रपति द्वारा दो-तीन दिनों के भीतर जारी की जाएगी।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मंगलवार को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान परिसीमन के साथ आगे बढ़ने के बारे में राज्य सरकार की योजना के एक हिस्से का जिक्र करेंगे। उन्होंने कहा, 'सरकार को अब सर्किल, ब्लॉक पुनर्गठन, पंचायतों के काम करने के तरीके पर फैसला करना है। प्रशासनिक सुधारों की जरूरत होगी और हमें इस पर बिना रुके दो महीने तक काम करना होगा।'