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AI: आईआईटी जोधपुर में खुलेगा देश का उत्कृष्टता केंद्र 'सृजन', जनरेटिव एआई को देगा बढ़ावा, मेटा बनेगा स्पॉन्सर

Sat, 26 Oct 2024 06:07 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 26 Oct 2024 06:07 AM IST
सार

सृजन भारत में छात्रों और युवा डेवलपर्स (18-30 वर्ष) को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने, सकारात्मक सामाजिक व आर्थिक प्रभाव को आगे बढ़ाने के लिए ओपन-सोर्स एआई मॉडल का इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित करेगा। यह उत्कृष्टता केंद्र जनरेटिव एआई में वैश्विक प्रगति के साथ-साथ शिक्षा, गतिशीलता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करेगा। 

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IIT Jodhpur to host SRIJAN India's Center of Excellence for Generative AI
आईआईटी जोधपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईआईटी जोधपुर जनरेटिव एआई के लिए भारत के उत्कृष्टता केंद्र की मेजबानी करेगा। इस केंद्र को सृजन नाम से जाना जाएगा और यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा। मेटा सृजन को स्पॉन्सर करेगा और इन-हाउस रिसर्च सपोर्ट भी देगा।

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सृजन भारत में छात्रों और युवा डेवलपर्स (18-30 वर्ष) को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने, सकारात्मक सामाजिक व आर्थिक प्रभाव को आगे बढ़ाने के लिए ओपन-सोर्स एआई मॉडल का इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित करेगा। यह उत्कृष्टता केंद्र जनरेटिव एआई में वैश्विक प्रगति के साथ-साथ शिक्षा, गतिशीलता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस पहल को वैश्विक सोशल मीडिया प्रमुख मेटा पूरी तरह से वित्त पोषित कर रहा है। एआईसीटीई और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच इस पहल को लेकर एक समझौता हुआ था। इंडियाएआई आईबीडी अपनी युवाएआई (युवाओं के लिए उन्नति और एआई के साथ विकास) पहल के तहत इसका नेतृत्व करेगा।
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त्कृष्टता केंद्र (सीओई) ओपन-सोर्स एआई का इस्तेमाल करके और बड़े भाषा मॉडल एलएलएम में संभावनाओं की खोज करके एआई इनोवेटर्स और उद्यमियों की अगली पीढ़ी की पहचान करेगा और उन्हें सशक्त बनाएगा। इसमें किए गए शोध को एआईसीटीई के माध्यम से छात्रों के साथ साझा किया जाएगा और कॉलेजों से सीधे संपर्क किया जाएगा। सृजन देशभर में ओपन-सोर्स एलएलएम को लागू करने और हैकथॉन के माध्यम से स्वदेशी उपयोग के मामलों का पता लगाने के लिए युवा डेवलपर्स को शामिल करेगा।

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