ICG: भारतीय तटरक्षक प्रमुख वीएस पठानिया ने LUH से भरी पहली उड़ान, बोले- अत्याधुनिक तकनीकों से लैस
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भारतीय तटरक्षक प्रमुख वीएस पठानिया ने कर्नाटक के बेंगलुरु में स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर में अपनी पहली उड़ान भरी। उनकी उड़ान 45 मिनट की थी। भारतीय तटरक्षक दल के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उड़ान के बाद वीएस पठानिया ने स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीकों के साथ एक उत्कृष्ट हेलीकॉप्टर है।
गौरतलब है कि लाइट यूटिलिटी हैलीकॉप्टर(LUH) भारत में निर्मित है। हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित ये हल्का हेलीकॉप्टर सिंगल इंजन तकनीक से लैस है। इसकी पहली उड़ान 6 सितंबर 2016 में बेंगलुरू हुई थी। इस हल्के युद्धक हेलीकॉप्टर को एचएएल के रोटरी विंग आर एंड डी ने डिजाइन किया है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत है कि यह मौसम की विपरीत परिस्थितियों में उड़ान भर सकते हैं।#WATCH | Indian Coast Guard chief VS Pathania undertaking maiden sortie in indigenous Light Utility Helicopter in Bengaluru at the HAL facilities there. pic.twitter.com/bHmbsJbCP1
— ANI (@ANI) November 14, 2022विज्ञापन
'सी विजिल-22' 15 से होगा शुरू
वहीं, समुद्री तटों पर देश की रक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए नौ सेना के दो दिवसीय रक्षा अभ्यास 'सी विजिल-22' का तीसरा संस्करण 15-16 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।। साल 2018 में 26/11 मुंबई हमले के बाद इस तरह के रक्षा अभ्यास की अवधारणा समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में स्थापित विभिन्न उपायों को मान्य करने के लिए की गई थी। 'सी विजिल' की अवधारणा पूरे भारत में तटीय सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करने और व्यापक तटीय रक्षा तंत्र का आकलन करने के लिए है।
इस अभ्यास के दौरान, देखा जाएगा कि तटों की रक्षा के लिए उठाए गए कदम आखिर कितने कारगर साबित हुए हैं। सी विजिल के साथ ऑपरेशनल, टेक्निकल और प्रशासनिक ऑडिट भी किया जाएगा, जो नौ सेना की ताकत और कमजोरी के बारे में सही जानकारी देगा।