Puja Khedkar: ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की मां को पुणे पुलिस ने किया गिरफ्तार, पिस्तौल लहराने का मामला
2023 बैच की आईएएस पूजा खेडकर पर पुणे में बतौर प्रोबेशन आईएएस अधिकारी रहते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप है। वहीं, अब उनकी मां मनोरमा खेडकर को पुणे ग्रामीण पुलिस ने हिरासत में लिया है।
विस्तार
आईएएस पूजा खेडकर का नाम आजकल काफी सुर्खियों में हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर देशभर में घमासान मचा हुआ है। अब इस मामले में एक और नया पहलू सामने आया है। पूजा के बाद अब उनके माता-पिता मुश्किलों में घिर गए हैं। उनकी मां मनोरमा खेडकर को गुरुवार सुबह पुणे पुलिस ने हिरासत में लिया। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, मनोरमा के खिलाफ एक स्थानीय किसान को धमकी देने का आरोप लगा है। उनके खिलाफ पुणे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
भूमि विवाद को लेकर लहराई थी बंदूक
पुलिस ने पूजा की मां मनोरमा खेडकर के खिलाफ यह कार्रवाई भूमि विवाद को लेकर बंदूक लहराकर कुछ लोगों को धमकाने के आरोप में की है। पुणे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड से हिरासत में लिया गया है, जहां वह एक होटल में रुकी हुई थीं। उन्हें पुणे लाया गया। यहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
Manorama Khedkar, who was detained from Mahad, has been formally arrested by Pune Rural Police https://t.co/2waQYcNIrh
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 18, 2024
यह है मामला
दरअसल, विवादित अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक जमीनी विवाद को लेकर मनोरमा हाथ में बंदूक लिए कुछ लोगों को धमका रही थीं। ये वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
जल्द किया जाएगा गिरफ्तार
पुणे ग्रामीण एसपी पंकज देशमुख ने बताया, 'हमने महाड के एक होटल से उन्हें हिरासत में लिया है। उन्हें पुणे लाया जा रहा है। उनसे पूछताछ की जाएगी। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।' बता दें, मनोरमा, उनके पति और मामले के पांच अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
Maharashtra | Manorama Khedkar, mother of IAS trainee Puja Khedkar, detained from Mahad,
— ANI (@ANI) July 18, 2024
Pankaj Deshmukh, SP, Pune Rural Police says, "We have detained her from Mahad. She is on her way here. We will question her and take further legal action. She was found in a hotel in… pic.twitter.com/kDpqDlkGn1
वीआईपी मांगों को लेकर फंसी आईएएस पूजा खेडकर
2023 बैच की आईएएस पूजा खेडकर पर पुणे में बतौर प्रोबेशन आईएएस अधिकारी रहते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई विशेषाधिकारों की मांग की, जो प्रोबेशन अधिकारियों को नहीं मिलते हैं। आईएएस पूजा ने अपनी निजी ऑडी कार का इस्तेमाल किया, महाराष्ट्र सरकार का स्टिकर लगाया और यहां तक कि लाल बत्ती भी लगाई।
खेडकर को पुणे सिटी ट्रैफिक पुलिस का नोटिस
आईएएस खेडकर को पुणे सिटी ट्रैफिक पुलिस को नोटिस मिला है। वाहन पर अनधिकृत लाल बत्ती के उपयोग और महाराष्ट्र सरकार के उल्लेख के लिए नोटिस दिया गया। पुलिस जांच के दौरान लग्जरी ऑडी कार निजी इंजीनियरिंग कंपनी के नाम पर पंजीकृत पाई गई है। कंपनी की इस गाड़ी पर यातायात नियमों के उल्लंघन की 21 शिकायतें हैं और 27 हजार रुपये जुर्माना लगा है। मगर सवाल ये उठता है कि पुणे पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की थी?
नोटिस में कहा गया है, 'हमें पता चला है कि आपके निजी वाहन के आगे और पीछे महाराष्ट्र सरकार लिखा हुआ है। वहीं एक लाल बत्ती भी लगाई गई है।'
बताया जा रहा है कि एक पुलिस अधिकारी नोटिस देने के लिए उनके पुणे वाले घर पर गया था, मगर वहां कोई नहीं मिला।
इस शख्स को बचाने के लिए बनाया था दबाव
वहीं, नवी मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र सरकार को जानकारी दी है कि ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार एक व्यक्ति को रिहा करने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी पर कथित तौर पर दबाव बनाने की कोशिश की थी।
बताया जा रहा है कि यह मामला 18 मई का है। एक चोरी के मामले में ट्रांसपोर्टर ईश्वर उत्तरवड़े को पनवेल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस पर खेडकर ने कथित तौर पर पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे को फोन किया और उत्तरवड़े को छोड़ने का अनुरोध किया था।
आईएएस अधिकारी या कोई धोखेबाज
एक अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने डीसीपी से कहा था कि ईश्वर उत्तरवड़े बेकसूर है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप मामूली हैं। पानसरे के साथ फोन पर बातचीत के दौरान खेडकर ने खुद का परिचय बतौर आईएएस अधिकारी दिया था। हालांकि, डीसीपी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि फोन करने वाली महिला सच में आईएएस अधिकारी है या कोई धोखेबाज।
उन्होंने आगे बताया कि नवी मुंबई पुलिस ने फोन को गंभीरता से नहीं लिया और उत्तरवड़े के खिलाफ कार्रवाई की। आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में है।
अधिकारी ने कहा कि 32 साल की आईएएस अधिकारी के आचरण के बारे में पता चलने के बाद नवी मुंबई पुलिस ने पुणे के कलेक्टर कार्यालय और गृह विभाग के एक वरिष्ठ कर्मचारी से संपर्क किया। गृह विभाग के अधिकारी की सलाह पर डीसीपी पानसरे ने नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भरांबे के जरिए मुख्य सचिव सुजाता सौनिक को दो पन्नों की रिपोर्ट भेजी। बता दें, सुजाता गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं।
बता दें, खेडकर हाल ही में उस समय सुर्खियों में छा गईं, जब अलग केबिन और स्टाफ जैसी मांगों को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही उनका तबादला पुणे से वाशिम जिले में कर दिया गया।