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Tejas: वायुसेना में तेजस के सात साल पूरे, रक्षा मंत्रालय ने कहा- यह भविष्य में बनेगा भारतीय वायुसेना की ताकत
Fri, 30 Jun 2023 05:39 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 30 Jun 2023 05:39 PM IST
सार
तेजस विमान खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखाने वाले देशों में मिस्र, अर्जेंटीना, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस शामिल हैं।
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एलसीए तेजस
- फोटो : social media
विस्तार
स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने कई बार अलग-अलग देशों में युद्धाभ्यास करते हुए अपनी ताकत को जाहिर कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय वायु सेना को अगले साल फरवरी से हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए की डिलीवरी मिलने की उम्मीद है। तेजस का नया संस्करण में सीमा पार मिसाइलों के साथ कई हथियारों को दागने में सक्षम होगा।
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भारतीय वायुसेना की ताकत बनेगा तेजस
तेजस ने भारतीय वायुसेना में सेवा में सात साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भविष्य में तेजस विमान के नए संस्करण भारतीय वायुसेना की ताकत बनेंगे। मंत्रालय ने पिछले साल भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट की खरीद के लिए भारत की एयरोस्पेस प्रमुख हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।
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अन्य देश भी दिखा रहे खरीदने में दिलचस्पी
तेजस विमान खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखाने वाले देशों में मिस्र, अर्जेंटीना, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस शामिल हैं। शनिवार को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) वायुसेना में अपनी सेवा के सात साल पूरे कर लेगा। तेजस एक एकल इंजन वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है जो बड़े खतरे वाले वायु वातावरण में काम करने में सक्षम है।
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रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एलसीए एमके-1ए में आधुनिक सेंसर, रडार सिस्टम, अपडेटेड इलेक्ट्रॉनिक उपरकरण लगाए गए हैं। तेजस का नया संस्करण लंबी दूरी से टारगेट को दागने में सक्षम होगा। इनमें से कई हथियार स्वदेशी मूल के होंगे। बयान में कहा गया है कि विमान की डिलीवरी फरवरी 2024 में शुरू होने की उम्मीद है। तेजस को हवा में रक्षा, समुद्री में निगरानी और हमले में भूमिका निभाने के लिए डिजाइन किया गया है।
तेजस की खूबियां
तेजस ने अपनी पहली उड़ान जनवरी 2001 में भरी थी। इसके बाद साल 2016 में इसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। तेजस की खासियत के बारे में बात करें तो तेजस विमान यह आठ से नौ टन लोड लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। तेजस सुखोई फाइटर जेट के बराबर हथियार और मिसाइल ले जा सकता है, जबकि सुखोई का वजन तेजस के मुकाबले काफी कम है। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस को 20 हजार फीट की ऊंचाई पर आसमान में ईंधन भरने की महारथ हासिल है।
तेजस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड है। यह एयरक्राफ्ट ध्वनि की गति से भी ज्यादा तेजी से उड़ सकता है। 52 हजार फीट की ऊंचाई पर यह मैक 1.6 से 1.8 तक की स्पीड से उड़ान भर सकता है। तेजस में कई आधुनिक उपकरण लगे हुए हैं, जिनमें इस्राइल में विकसित किया गया रडार शामिल है। हवा में ही इसमें ईंधन भरा जा सकता है और यह दुश्मन देश के रडार को चकमा देने की भी ताकत रखता है।