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हैदराबाद में महिला पत्रकार से सात घंटे पूछताछ: छह महीने के बच्चे के साथ थाने में रखने का आरोप; क्या सवाल उठे?
Thu, 08 Oct 2026 08:02 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 08 Oct 2026 08:02 PM IST
सार
हैदराबाद में महिला पत्रकार जल्ली रेखा से साइबर अपराध के एक मामले में करीब सात घंटे पूछताछ किए जाने का आरोप है। बीआरएस नेताओं के मुताबिक, वह छह महीने के बच्चे और तीन साल के बेटे के साथ थाने में मौजूद थीं। दोस्तों ने पुलिस पर देर रात नोटिस देने और महिला पुलिसकर्मी के बिना घर पहुंचने का आरोप लगाया है। आखिर किस मामले में पूछताछ हुई और पुलिस कार्रवाई पर क्यों उठे सवाल?
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महिला पत्रकार से पूछताछ का पूरा मामला क्या?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
हैदराबाद में एक महिला पत्रकार से साइबर अपराध के एक मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ किए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार की पहचान जल्ली रेखा के तौर पर हुई है। बीआरएस नेताओं और उनके दोस्तों ने आरोप लगाया है कि उन्हें लंबे समय तक सेंट्रल क्राइम स्टेशन यानी सीसीएस में रहना पड़ा। इस दौरान वह अपने छह महीने के बच्चे और तीन साल के बेटे के साथ थाने में मौजूद थीं। मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
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महिला पत्रकार से पूछताछ का पूरा मामला क्या है?
जल्ली रेखा से बुधवार को हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन में एक मामले के सिलसिले में पूछताछ की गई। बीआरएस नेताओं और उनके दोस्तों के अनुसार, उन्हें करीब सात घंटे तक पुलिस स्टेशन में रहना पड़ा। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ उनका छह महीने का शिशु और तीन साल का बेटा भी था। इस घटनाक्रम के बाद बीआरएस नेताओं और पत्रकार संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे उत्पीड़न बताया है। उन्होंने कहा कि मामले में महिलाओं और बच्चों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए था।
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पुलिस जल्ली रेखा के घर कब पहुंची थी?
जल्ली रेखा के दोस्तों का आरोप है कि मंगलवार देर रात करीब आधी रात को सीसीएस के कर्मचारी उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने कथित तौर पर उन्हें पूछताछ के लिए थाने आने का नोटिस दिया। दोस्तों का दावा है कि घर पहुंचने वाली पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। इसके बाद जल्ली रेखा को बुधवार को पूछताछ के लिए सीसीएस बुलाया गया। करीब सात घंटे तक पूछताछ और थाने में मौजूद रहने के आरोप के बाद इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे।
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किस मामले में जल्ली रेखा से पूछताछ हुई?
बताया गया है कि जल्ली रेखा से पूछताछ उस प्राथमिकी के सिलसिले में हुई, जो साइबर अपराध पुलिस ने कृष्णांक मन्ने के खिलाफ दर्ज की है। यह मामला सोशल मीडिया पर कथित तौर पर किए गए उन दावों से जुड़ा है, जिनमें मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की बेटी के पास कुछ संपत्तियों और दवा कंपनियों के स्वामित्व को लेकर कथित तौर पर गलत दावे किए गए थे। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) और 352 लगाई गई हैं। इन धाराओं का संबंध जानबूझकर ऐसा अपमान करने से है, जिससे शांति भंग होने की आशंका हो और ऐसे बयान देने से है, जो दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना को बढ़ावा दे सकते हैं।
बीआरएस और पत्रकार संगठनों ने क्या सवाल उठाए?
पुलिस कार्रवाई को लेकर बीआरएस नेताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि महिला पत्रकार से इस तरह लंबी पूछताछ करना उन्हें डराने या परेशान करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने इसे प्रेस की स्वतंत्रता से भी जोड़कर सवाल उठाए हैं। जल्ली रेखा के दोस्तों और पत्रकार संगठनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान महिलाओं और बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और जल्ली रेखा से पूछताछ की परिस्थितियों को लेकर विवाद बना हुआ है।