फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   20 Rebel TMC MPs Seek 15 More Days to Reply to Lok Sabha Disqualification Notices

टीएमसी: 20 बागी सांसदों ने मांगा 15 दिन का समय, लोकसभा अध्यक्ष के नोटिस का नहीं दिया जवाब; क्या होगा अगला कदम?

Thu, 08 Oct 2026 05:29 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 08 Oct 2026 05:29 PM IST
सार

टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने दलबदल कानून के तहत मिली अयोग्यता याचिका पर जवाब देने के लिए 15 दिन का और समय मांगा है। 8 अक्तूबर की समय सीमा खत्म होने से पहले यह मांग की गई। अब नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले फैसले पर है।

विज्ञापन
20 Rebel TMC MPs Seek 15 More Days to Reply to Lok Sabha Disqualification Notices
टीएमसी के बागी सांसद - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ जाने वाले 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। इन सांसदों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत अयोग्यता की मांग की गई है। 
विज्ञापन


सांसदों को जवाब देने के लिए 8 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। समय सीमा खत्म होने से पहले सांसदों ने लोकसभा सचिवालय से दो सप्ताह का और समय मांगा। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि कानूनी टीम अभी जरूरी दस्तावेज जुटाने और जवाब तैयार करने में लगी है। 
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला?
टीएमसी के 27 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई के साथ जाने का फैसला किया था। इसके बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने 18 जून को इन सांसदों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत अयोग्यता की याचिका दाखिल की थी। लोकसभा सचिवालय ने अगस्त में इन सांसदों को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा था। बाद में जवाब देने की समय सीमा बढ़ाकर 8 अक्तूबर कर दी गई थी। अब सांसदों ने एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बागी सांसदों का क्या कहना है?
बागी सांसदों का कहना है कि टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई के साथ जाना दलबदल कानून के तहत अयोग्यता का आधार नहीं बनता। उनका दावा है कि उन्होंने मौजूदा टीएमसी नेतृत्व पर भरोसा खोने के बाद अलग राजनीतिक पहचान बनाने का फैसला किया है। वहीं, टीएमसी का कहना है कि इन सांसदों ने पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था और बाद में पार्टी से अलग होकर दूसरी पार्टी के साथ जाने से उन पर दलबदल कानून लागू होता है।

टीएमसी ने साधा निशाना
बागी सांसदों की ओर से अतिरिक्त समय मांगे जाने पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सांसदों के पास अपने पक्ष में जवाब है तो उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत क्यों पड़ रही है।यह प्रतिक्रिया टीएमसी और बागी सांसदों के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद को और तेज करती है।

सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है मामला
20 सांसदों की अयोग्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अभिषेक बनर्जी ने अदालत में याचिका दायर कर लोकसभा अध्यक्ष से अयोग्यता की याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। 


अब स्पीकर के फैसले पर नजर
फिलहाल 20 सांसदों के जवाब के लिए मांगे गए अतिरिक्त समय पर अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय को करना है। इन सांसदों की ओर से गुरुवार को कोलकाता में बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें नोटिस और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।  इस पूरे विवाद का केंद्र यह सवाल है कि टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई के साथ जाने वाले इन सांसदों की स्थिति को दलबदल कानून के तहत कैसे देखा जाएगा। इसका असर इन सांसदों के भविष्य के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति और लोकसभा में संख्या के समीकरण पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed