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आशा करते हैं कि चीन एलएसी का पूरी तरह से सम्मान करेगा और अपने सैनिकों को पीछे हटाएगा: विदेश मंत्रालय
Thu, 17 Sep 2020 06:54 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 17 Sep 2020 06:54 PM IST
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान श्रीवास्तव ने चीन के साथ सीमा पर तनाव, कुलभूषण जाधव और इजराइल-यूएई-बहरीन में हुए शांति समझौते पर सरकार का पक्ष रखा।
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चीन के साथ सीमा विवाद
चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम आशा करते हैं कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का पूरी तरह से सम्मान करेगा और एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोई और कोशिश नहीं करेगा। दोनों पक्षों को तनाव बढ़ा सकने वाली गतिविधियों से दूर रहते हुए टकराव वाले इलाकों में तनाव घटाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।'
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उन्होंने कहा, 'हाल ही में हुई मंत्री स्तरीय वार्ता में यह सहमति बनी कि सैनिकों को शीघ्र और पूर्ण रूप से हटाया जाना चाहिए। टकराव वाले सभी इलाकों से यथाशीघ्र सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने के लिये चीन को भारत के साथ गंभीरता से काम करना चाहिए।'
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The Chinese side should sincerely work with the Indian side for complete disengagement at the earliest from all friction areas including Pangong lake: Anurag Srivastava, Spokesperson of Ministry of External Affairs pic.twitter.com/G4B9fe6B4S
— ANI (@ANI) September 17, 2020
जेन्हुआ डाटा लीक
विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसने चीनी पक्ष के साथ इस पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि यह एक निजी संस्था है जिसका चीनी सरकार से कोई संबंध नहीं है। इधर भारत सरकार ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक के तहत समिति का गठन किया है जो रिपोर्ट का अध्ययन करने, कानून के उल्लंघन का आकलन करने के बाद 30 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
कुलभूषण जाधव मामले पर पाकिस्तान का रवैया
श्रीवास्तव ने कहा, 'पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले को लागू करने के अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया है। उन्होंने अभी तक प्रासंगिक दस्तावेजों का प्रावधान और कुलभूषण को अप्रभावित कांसुलर एक्सेस प्रदान करना ऐसे मूल मुद्दों पर कोई कदम नहीं उठाया है।
यूएई-बहरीन-यूएई के बीच शांति समझौता
श्रीवास्तव ने कहा हमने इजराइल, यूएई, बहरीन और अमेरिका के बीच हुए अब्राहम अकॉर्ड का अनुसरण किया है। भारत ने हमेशा पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता का समर्थन किया है। हम इजराइल-बहरीन और यूएई के बीच संबंधों के सामान्यीकरण के लिए इन समझौतों का स्वागत करते हैं।
फिलिस्तीन का समर्थन
अनुराग ने कहा कि हम फिलिस्तीनियों की मांग को अपना पारंपरिक समर्थन देते हैं और सीधी बातचीत से दोनों राज्यों के बीच के मुद्दे को सुलझाने की उम्मीद करते हैं।