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ईडी की बड़ी कार्रवाई: रहेजा डेवलपर्स के प्रमोटरों की 1113 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त, धनशोधन का मामला

Tue, 28 Apr 2026 09:15 PM IST
Nirmal Kant पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Tue, 28 Apr 2026 09:15 PM IST
सार

ईडी ने कथित धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में रहेजा डेवलपर्स से जुड़ी 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां  कुर्क कीं। एजेंसी का आरोप है कि घर खरीदारों से जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये का दुरुपयोग कर उन्हें अन्य कंपनियों और निजी कामों में लगाया गया। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज किया। पढ़िए रिपोर्ट-

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Homebuyers 'fraud': ED attaches Raheja Developers' assets worth over Rs 1,110 crore
ईडी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स से जुड़े प्रमोटर्स और संस्थाओं की 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में की गई है।
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ईडी ने क्या कहा?
जांच एजेंसी ने 25 अप्रैल को इस मामले में छापेमारी की थी, जिसमें 15.82 करोड़ रुपये का सोना-चांदी और करीब 15 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की गई। ईडी ने बताया कि उसने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इसके तहत एनए बिल्डवेल और रियासत पैलेसेज की अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं, जो रहेजा डेवलपर्स से जुड़ी संस्थाएं हैं।
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'कंपनी के एमडी व उनके परिवार की संपत्तियां भी कुर्क'
इसके अलावा, कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नवीनएम रहेजा और उनके परिवार की संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं। इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत 1,113.81 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए क्या कहा?
हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी ने कहा कि उसने ग्राहकों से मिले पैसे से ज्यादा निवेश किया है, जैसा कि रियल एस्टेट नियामक प्राथिकरण (रेरा) की निगरानी में हुई फॉरेंसिक जांच में सामने आया है और किसी भी तरह की धन की हेराफेरी नहीं हुई है।

जून 2025 में की थी ईडी ने छापेमारी
इससे पहले जून 2025 में भी ईडी ने कंपनी, उसके प्रमोटर्स और कुछ अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी। यह धनशोधन का मामला आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज कई प्राथमिकियों से जुड़ा है, जिनमें कंपनी और नवीन एम रहेजा पर घर खरीदारों को ठगने का आरोप लगाया गया है।

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जांच एजेंसी ने क्या आरोप लगाए?
ईडी के अनुसार, रहेजा डेवलपर्स ने विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के लिए 4,600 घर खरीदारों से 2,425.99 करोड़ रुपये जुटाए थे। एजेंसी का आरोप है कि इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा गबन किया गया और इसे कई जुड़ी हुई कंपनियों और फर्जी कंपनियों के जरिये घुमाकर निदेशक, उनके परिवार और करीबी लोगों के नियंत्रण वाली संस्थाओं में भेजा गया। ईडी ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल परियोजना से जुड़ी जरूरतों के बजाय संपत्तियां खरीदने और निजी कामों में किया गया।

कंपनी ने क्या दलील दी?
वहीं, कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा था कि गुरुग्राम के उसकी परियोजना 'रहेजा रेवंता' में देरी का मुख्य कारण जरूरी सरकारी सुविधाओं की कमी है, जबकि उसने सभी शुल्क जमा कर दिए थे। कंपनी ने कहा कि पानी, बिजली, सीवर और दमकल सुरक्षा (फायर सेफ्टी) जैसी जरूरी सेवाओं के बिना 61 मंजिला इमारत में फ्लैट का कब्जा सुरक्षित रूप से नहीं दिया जा सकता।



 
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