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हिंदू धर्म संसद: गोवा में उपासना स्थल कानून पर होगी चर्चा, जुटेंगे एक हजार प्रतिनिधि

Fri, 03 Jun 2022 02:21 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 03 Jun 2022 02:21 PM IST
सार

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि आज कश्मीर जैसे हालात दिल्ली में भी बन चुके हैं। जहांगीपुरी उपद्रव में भी यह देखा गया है कि एक अपराधी के पक्ष में कुछ लोग खड़े हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के अंतर्गत हिंदुओं की आस्थाओं को चोट पहुंचाई जा रही है...

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Hindu Dharam sansad: All India Hindu Convention will be held in Goa from June 12-18 later  Hindu Rashtra Sansad will be organized after the session
हिंदू धर्म संसद के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए विष्णु शंकर जैन और कपिल मिश्रा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

उपासना स्थल कानून, 1991 के विरोध में एक जनमत खड़ा करने के लिए हिंदू धर्म संसद में इस पर विचार किया जायेगा। हिंदू धर्म संसद के इस आयोजन में देश-विदेश के एक हजार से ज्यादा हिंदू धर्म संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस धर्म संसद के बाद हिंदू पक्ष उपासना स्थल कानून की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना सकते हैं।

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डॉक्टर चारुदत्त पिंगले (मार्गदर्शक, हिंदू जनजागृति समिति) ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दशवें अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशन गोवा में 12-18 जून के बीच आयोजित होगा। इस अधिवेशन के बाद 'हिंदू राष्ट्र संसद' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से हिंदू विचारों के लिए कार्य करने वाले एक हजार प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे। इसमें तीन विषयों पर विचार किया जायेगा। इसमें हिंदू मंदिरों का विकास और हिंदू चेतना के विकास के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
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ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर चुके वकील विष्णुशंकर जैन ने कहा कि इस धर्म संसद में पूजा स्थल कानून, 1991 पर भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरे संविधान में यदि कोई कानून सबसे गलत है, तो वह पूजा स्थल कानून, 1991 है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह कानून किसी नागरिक को कोर्ट जाने से भी रोकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान संविधान की आत्मा के विरुद्ध है। यह अंबेडकर की उस सोच के भी विरुद्ध है जो देश के हर नागरिक को समान कानूनी अधिकार देने के पक्षधर थे।
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भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि आज कश्मीर जैसे हालात दिल्ली में भी बन चुके हैं। जहांगीपुरी उपद्रव में भी यह देखा गया है कि एक अपराधी के पक्ष में कुछ लोग खड़े हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के अंतर्गत हिंदुओं की आस्थाओं को चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारों के निर्देश भी हिंदू वर्ग के विरुद्ध और एक वर्ग के पक्ष में दिए जा रहे हैं, इसलिए आज हिंदू समाज को एकत्रित होकर इन परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।


उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को एक उदार मानसिकता दिखाते हुए उन धर्म स्थलों को हिंदू समाज को सौंप देना चाहिए, जो हिंदुओं के रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश पर आक्रमण करने वाले आक्रांताओं से हिंदू और मुस्लिम समाज दोनों का ही कोई संबंध नहीं रहा है, इसलिए मुस्लिम समाज से हमारा कोई विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों को परस्पर सहयोग का वातावरण बनाकर इन मुद्दों का हल निकालना चाहिए।

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