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कानून: भारत के एनजीओ को फंड देने के लिए हैवलेट फाउंडेशन को सरकार से लेनी होगी पूर्व मंजूरी
Mon, 21 Mar 2022 04:10 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 21 Mar 2022 04:10 AM IST
सार
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी संगठन को विदेशी अंशदान नियमन कानून, 2010 (एफसीआरए) के तहत ‘पूर्व संदर्भ श्रेणी (पीआरसी)’ में रखा गया है।
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गृह मंत्रालय, भारत सरकार
- फोटो : ANI
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विस्तार
शीर्ष अमेरिकी परोपकारी संगठनों में से एक हैवलेट फाउंडेशन को चंदा लेने वालों द्वारा कानून के कथित उल्लंघन के बाद गृह मंत्रालय ने सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी भारतीय एनजीओ को धन दान करने से रोक दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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अमेरिकी संगठन ने 2020 में भारत सहित विश्व स्तर पर कई गैर सरकारी संगठनों को 46.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक का दान दिया। हैवलेट फाउंडेशन शिक्षा, पर्यावरण, लैंगिक समानता और शासन के विविध क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को धन मुहैया कराता है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी संगठन को विदेशी अंशदान नियमन कानून, 2010 (एफसीआरए) के तहत ‘पूर्व संदर्भ श्रेणी (पीआरसी)’ में रखा गया है।
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फाउंडेशन की स्थापना 1966 में इंजीनियर और उद्यमी विलियम आर. हैवलेट और उनकी पत्नी फ्लोरा लैमसन हैवलेट ने अपने सबसे बड़े बेटे वाल्टर हैवलेट के साथ की थी। विलियम आर. हैवलेट प्रौद्योगिकी कंपनी हैवलेट-पैकर्ड (एचपी) के सह-संस्थापक थे। नए नियमों के तहत, सभी एफसीआरए पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों को नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की संसद मार्ग शाखा में एक खाता बनाए रखना होगा। किसी एनजीओ को जब पीआरसी के तहत रखा जाता है तो बैंक को संबंधित खाते में रकम जमा होने से पहले विदेश से कोई कोष भेजे जाने पर केेंद्रीय गृह मंत्रालय को सूचित करना होगा।
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