फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hema gets costliers land at meager price

हेमा मालिनी पर मेहरबान भाजपा सरकार, 70 करोड़ की जमीन सिर्फ 1.75 लाख में

Sun, 24 Apr 2016 09:45 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई Updated Sun, 24 Apr 2016 09:45 AM IST
सार

  • सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी, हेमा मालिनी पर मेहरबान हुई महाराष्ट्र सरकार
  •  डांस अकादमी के लिए भूखंड के 10 लाख में से हेमा को 8.25 लाख रुपये मिलेंगे वापस

विज्ञापन
Hema gets costliers land at meager price

विस्तार

भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार अपनी पार्टी की सांसद और फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गई है। मुंबई के ओशिवारा इलाके में हेमा की डांस अकादमी के लिए करोड़ों की जमीन कौड़ियो के भाव आवंटित करने के बाद अब राज्य सरकार उनको सवा आठ लाख रुपये वापस भी करेगी।

विज्ञापन


सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना से पता चला है कि हेमा को वर्तमान में करीब 70 करोड़ रुपये की कीमत वाली दो हजार वर्ग मीटर की  जमीन सिर्फ 1.75 लाख रुपये में दी गई है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय से हेमा मालिनी की नाट्य संस्था को दिए गए भूखंड को लेकर चौंकाने वाली जानकारी मिली है।
विज्ञापन


आरटीआई के तहत बताया गया है कि हाल ही में हेमा को जो भूखंड अंधेरी तालुका स्थित आंबिवली में दिया गया, वह जमीन गार्डन के लिए आरक्षित है। इस जमीन को हेमा मालिनी की संस्था को सिर्फ 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर के रेट से दिया गया है। अनिल गलगली ने बताया कि नया मूल्यांकन ध्यान में रखते हुए  दो हजार वर्ग मीटर भूखंड की कीमत 1.75 लाख  तय की गई है। पहले जमा 10 लाख से 1.75 लाख कम कर शेष 8.25 लाख रुपये सरकार को हेमा को लौटाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, सरकार ने हेमा मालिनी की संस्था को दी गई जमीन की कीमत एक जनवरी 1976 के मूल्यांकन के आधार पर तय की है। 1976 में यह जमीन 140 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी। हेमा की संस्था को उसी रेट के 25 फीसदी  यानी सिर्फ 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन दी गई है।


इससे पहले हेमा मालिनी की संस्था को 1997 में अंधेरी के वर्सोवा में भूखंड दिया गया था। उस वक्त उनकी संस्था ने 10 लाख रुपये अदा किए थे। लेकिन, इस जमीन का कुछ हिस्सा सागरी अधिनियम (सीआरजेड) में होने के कारण हेमा ने इस भूमि पर किसी भी तरह का निर्माणकार्य नहीं किया। गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिख कर मामले का संज्ञान लेने के लिए कहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed