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Heart Attack: गरबा करते हुए दिल का दौरा पड़ने से गई कई की जान, स्वास्थ्य मंत्री ने बताई वजह और बचने का तरीका
Mon, 30 Oct 2023 10:53 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 30 Oct 2023 10:53 AM IST
सार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया गुजरात दौरे पर हैं। जब उनसे इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अचानक दिल का दौरा पड़ने की वजह बताई और लोगों को सलाह भी दी कि वह किस तरह से इस तरह के दिल के दौरों से बच सकते हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
गुजरात में नवरात्रि के दौरान गरबा करते हुए दिल का दौरा पड़ने से कई लोगों की जान गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया गुजरात दौरे पर हैं। जब उनसे इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अचानक दिल का दौरा पड़ने की वजह बताई और लोगों को सलाह भी दी कि वह किस तरह से इस तरह के दिल के दौरों से बच सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताई हार्ट अटैक की वजह
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईसीएमआर ने एक विस्तृत अध्ययन किया है। इस अध्ययन में पता चला है कि जो लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए थे और उस बात को ज्यादा समय नहीं गुजरा है तो ऐसे लोगों को दिल के दौरे से बचने के लिए बहुत ज्यादा व्यायाम, ज्यादा काम, दौड़ना आदि एक दो साल तक नहीं करना चाहिए। बता दें कि गुजरात में गरबा करते हुए एक हफ्ते में दिल का दौरा पड़ने से छह लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में एक महिला और एक बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र भी शामिल था। इनके अलावा नवरात्रि के दौरान पूरे राज्य में कुल 22 लोगों की मौत ऐसे ही अचानक हार्ट अटैक के चलते हुई।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से दिल और रक्त वाहिकाएं प्रभावित हुई हैं। साथ ही कोरोना संक्रमण में शरीर में खून के थक्के जमने की घटनाएं देखी गई हैं। इन खून के थक्कों की वजह से ही दिल का दौरा पड़ने, सेरेब्रल स्ट्रोक समेत कई परेशानियां हो रही हैं। हालांकि यह खतरा कोरोना होने के 1-2 महीने तक ही बताया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ये भी बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते लोगों के हृदय की मांसपेशियां कमजोर हुई हैं, इसके चलते भी दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं काफी हो रही हैं। कोरोना के चलते दिल की धड़कन अचानक से तेज होने और अचानक से धीमी होने के लक्षण भी देखे गए हैं, इसके चलते भी हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। हालांकि अभी भी अचानक से हो रही मौतों को लेकर अध्ययन चल रहे हैं।
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बता दें कि देश में कोरोना महामारी के बाद ऐसी कई घटनाएं सामने आयी हैं, जिनमें लोग नाचते-नाचते गिर गए और उनकी मौत हो गई। आईसीएमआर ने भी इस पर अध्ययन कर रही है। आईसीएमआर इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इन मौतों का कारण स्वभाविक है या फिर कोरोना वायरस या कोरोना वैक्सीन का इन मौतों से कुछ संबंध है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताई हार्ट अटैक की वजह
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईसीएमआर ने एक विस्तृत अध्ययन किया है। इस अध्ययन में पता चला है कि जो लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए थे और उस बात को ज्यादा समय नहीं गुजरा है तो ऐसे लोगों को दिल के दौरे से बचने के लिए बहुत ज्यादा व्यायाम, ज्यादा काम, दौड़ना आदि एक दो साल तक नहीं करना चाहिए। बता दें कि गुजरात में गरबा करते हुए एक हफ्ते में दिल का दौरा पड़ने से छह लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में एक महिला और एक बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र भी शामिल था। इनके अलावा नवरात्रि के दौरान पूरे राज्य में कुल 22 लोगों की मौत ऐसे ही अचानक हार्ट अटैक के चलते हुई।
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से दिल और रक्त वाहिकाएं प्रभावित हुई हैं। साथ ही कोरोना संक्रमण में शरीर में खून के थक्के जमने की घटनाएं देखी गई हैं। इन खून के थक्कों की वजह से ही दिल का दौरा पड़ने, सेरेब्रल स्ट्रोक समेत कई परेशानियां हो रही हैं। हालांकि यह खतरा कोरोना होने के 1-2 महीने तक ही बताया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ये भी बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते लोगों के हृदय की मांसपेशियां कमजोर हुई हैं, इसके चलते भी दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं काफी हो रही हैं। कोरोना के चलते दिल की धड़कन अचानक से तेज होने और अचानक से धीमी होने के लक्षण भी देखे गए हैं, इसके चलते भी हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। हालांकि अभी भी अचानक से हो रही मौतों को लेकर अध्ययन चल रहे हैं।
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बता दें कि देश में कोरोना महामारी के बाद ऐसी कई घटनाएं सामने आयी हैं, जिनमें लोग नाचते-नाचते गिर गए और उनकी मौत हो गई। आईसीएमआर ने भी इस पर अध्ययन कर रही है। आईसीएमआर इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इन मौतों का कारण स्वभाविक है या फिर कोरोना वायरस या कोरोना वैक्सीन का इन मौतों से कुछ संबंध है।