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दिशा सालियन मामला: मृतका के पिता ने आदित्य को भेजा 500 करोड़ का नोटिस, क्या सार्वजनिक माफी मांगेंगे ठाकरे?
Thu, 17 Sep 2026 09:58 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 17 Sep 2026 09:58 AM IST
सार
दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के खिलाफ 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत की जांच की मांग को राजनीति से प्रेरित बताकर उनकी छवि खराब की गई।
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आदित्य ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है। दिशा के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (शरद गुट) के नेता तथा महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने सतीश सालियन की बेटी की मौत की जांच और न्याय की उनकी मांग को राजनीति से प्रेरित बताने की कोशिश की।
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दिशा सालियन की मौत के बाद उठे सवाल
28 वर्षीय दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची रिहायशी इमारत से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना और एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई। इसके बाद दिशा के पिता सतीश सालियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख करते हुए एफआईआर दर्ज करने और मामले की नए सिरे से जांच की मांग की। याचिका में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की गई थी। हालांकि, इससे पहले सतीश सालियन यह कह चुके थे कि उन्हें अपनी बेटी की मौत में किसी आपराधिक पहलू का संदेह नहीं था।
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500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग
कानूनी नोटिस में सतीश सालियन ने आरोप लगाया है कि आदित्य ठाकरे ने उनकी न्याय की लड़ाई को राजनीति से प्रेरित, दुर्भावनापूर्ण और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मकसद से चलाया जा रहा अभियान बताने की कोशिश की। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के आरोप सतीश सालियन की ईमानदारी, विश्वसनीयता और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार, एक दुखी पिता को ऐसा व्यक्ति बताने की कोशिश की गई जो अपनी बेटी की मौत की कानूनी जांच की मांग के पीछे राजनीतिक उद्देश्य रखता है। नोटिस में ठाकरे पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने यह गलत धारणा बनाने की कोशिश की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो पहले ही दिशा सालियन मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है।
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अनिल देशमुख के बयान का भी जिक्र
नोटिस में 23 मार्च 2025 को अनिल देशमुख के कथित बयान का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, देशमुख ने दिशा सालियन मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। नोटिस में दावा किया गया है कि इस बयान को व्यापक प्रचार मिला, जिससे सतीश सालियन की छवि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश हुई जो कथित तौर पर राजनीतिक मकसद से आपराधिक न्याय प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रहा है। कानूनी नोटिस में इन आरोपों को झूठा, बेबुनियाद, गैर-जिम्मेदाराना और गंभीर रूप से मानहानिकारक बताया गया है।
सार्वजनिक माफी की मांग
सतीश सालियन ने दोनों नेताओं से बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने के साथ-साथ उसे प्रमुख प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित तथा प्रसारित करने की मांग की है। नोटिस के अनुसार, वीडियो के माध्यम से दी जाने वाली माफी कम से कम तीन मिनट की होनी चाहिए और इसे दोनों नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया जाना चाहिए। इसके अलावा, 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
सीबीआई की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के दो दिन बाद आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा, 'मैं दिशा सालियन से कभी नहीं मिला, न ही मैं उन्हें जानता था।' ठाकरे ने यह भी कहा कि करीब छह वर्षों से इस मामले में उनका नाम जोड़ना उन्हें बदनाम करने की जानबूझकर की गई कोशिश है। उन्होंने इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत मकसद से की जा रही बिना सबूत की कार्रवाई बताया। हालांकि, अपनी पोस्ट में उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
सीबीआई की एफआईर में कई नाम
अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। FIR में आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। पोस्टमार्टम में देरी से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच का भी उल्लेख किया गया है। एफआईआर में नाम आने वाले अन्य लोगों ने भी मामले में किसी तरह की भूमिका से इनकार किया है। आदित्य ठाकरे ने अधिकारियों से राजनीतिक हस्तक्षेप और छवि खराब करने की कोशिशों से दूर रहते हुए आधिकारिक जांच को आगे बढ़ने देने की अपील की है।
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छह साल बाद फिर सुर्खियों में मामला
दिशा सालियन की मौत को करीब छह वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मामला अब एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में है। एक ओर सतीश सालियन ने अपनी बेटी की मौत की जांच को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर आदित्य ठाकरे और मामले में नाम सामने आए अन्य लोगों ने आरोपों से इनकार किया है। अब सीबीआई की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्य यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।