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Covid-19: महामारी के बीच सरकारी अस्पतालों को भेजे गए 36433 वेंटिलेटर
Thu, 31 Dec 2020 07:03 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 31 Dec 2020 07:03 PM IST
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वेंटिलेटर
- फोटो : Social Media
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान उसने देश के सरकारी अस्पतालों में 36,433 वेंटिलेटर की आपूर्ति सुनिश्चित की है। मंत्रालय ने कहा कि अब इसकी औसत लागत दो से दस लाख रुपये के बीच है क्योंकि घरेलू उद्योगों ने इन उपकरणों का निर्माण शुरू कर दिया है।
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मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि देश में सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 से पूर्व लगभग 16 हजार वेंटिलेटर थे। इसमें कहा गया है कि लेकिन 12 महीनों से भी कम समय में 36,433 ‘मेक इन इंडिया’ वेंटिलेटर की सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपूर्ति की गई।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वेंटिलेटर पर लगाए गए सभी निर्यात प्रतिबंध अब हटा दिए गए हैं और ‘मेक इन इंडिया’ वेंटिलेटर का निर्यात किया जा रहा है। इस वर्ष देश में चिकित्सा आपूर्ति क्षेत्र में जबरदस्त उपलब्धि देखी गई।
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बयान में कहा गया है, 'महामारी की शुरुआत में, भारत लगभग पूरी तरह से आयातित वेंटिलेटर, पीपीई किट और एन -95 मास्क पर निर्भर था।' मंत्रालय ने कहा, 'वास्तव में, इन उत्पादों के लिए अब तक किसी तरह के कोई मानक निर्देश नहीं थे जो किसी भी महामारी से निपटने के लिए बहुत आवश्यक हैं।'
मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार ने प्रारंभिक स्तर पर महामारी से उत्पन्न चुनौतियों को पहचाना और देशभर में आवश्यक चिकित्सा वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति को सुनिश्चित किया।
उसने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के मामले में, भारत घरेलू उत्पादन क्षमता से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है। प्रतिदिन 10 लाख से अधिक पीपीई की उत्पादन क्षमता है और इसे कई देशों में निर्यात भी किया जाता है।