स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता: गर्भवती महिलाओं के लिए टीका जरूरी, नए वेरिएंट पर नजर रखने की जरूरत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान देश में कोरोना वायरस के हालात और वायरस के सामने आ रहे नए वेरिएंट समेत अन्य मुद्दों पर जानकारी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि देश में पिछले हफ्ते आए कोविड-19 के आधे से अधिक मामले दो राज्यों महाराष्ट्र (21 फीसदी) और केरल (32 फीसदी) से हैं।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोविड-19 के 80 फीसदी नए मामले 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 90 जिलों से आए, जो इन इलाकों में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं। देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 66 जिलों में कोविड-19 संक्रमण दर आठ जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में 10 फीसदी से अधिक रही है।
वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 होने से समय पूर्व प्रसव जैसे कुछ खतरे बढ़ सकते हैं, उनके लिए टीका लगवाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण पर दिशानिर्देश मंत्रालय की ओर से जारी किए जा चुके हैं। तीन टीकों को उपयुक्त बताया गया है।
Guidelines on vaccination for pregnant women have been issued by the ministry. Three vaccines are entitled to be used. Pregnant women should receive the vaccine, it is very important: Dr. VK Paul, Member-Health, Niti Aayog pic.twitter.com/nlmZ0MTrOb
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 9, 2021
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लोगों के कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना बड़ी संख्या में पहुंचने की घटनाएं चिंता का सबब हैं। हम इस समय सुरक्षा में लापरवाही नहीं कर सकते। पर्यटन स्थलों पर नया खतरा देखा जा रहा है जहां भीड़ एकत्र हो रही है और शारीरिक दूरी व मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है।
हाल ही में सामने आए कोरोना वायरस के नए लैम्ब्डा वेरिएंट को लेकर डॉ. पॉल ने कहा कि हमें ऐसे वेरिएंट को लेकर सतर्क रहना होगा। अभी तक के लिए, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस वेरिएंट की पहचान भारत में हुई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में सामने आए कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट के मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यूपी में कोविड-19 के कप्पा वेरिएंट को दो मामलों की पुष्टि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि यह रोचक वेरिएंट है। इससे पहले फरवरी और मार्च में भी यह वेरिएंट के सामने आया था।