फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   HC expresses disappointment over Door to Door Vaccination campaign stoppage says it should be done even if guidelines are not given

डोर टू डोर वैक्सिनेशन: अभियान रुकने पर हाई कोर्ट ने जताई निराशा, कहा- दिशानिर्देश न मिलने पर भी हो टीकाकरण

Fri, 21 May 2021 05:28 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 21 May 2021 05:28 PM IST
सार

मुंबई में दिव्यांग, बुजुर्ग और बीमार लोगों की सहूलियत के लिए होने वाला डोर टू डोर वैक्सीनेशन अभियान केंद्र से दिशा-निर्देश न मिलने से रुक गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उसने बीएमसी से कहा है कि यदि केंद्र सरकार से डोर  टू डोर वैक्सीनेशन के लिए दिशानिर्देश नहीं मिलता है, तब भी वह अभियान शुरू करे, हम इसके लिए अनुमति देंगे।

विज्ञापन
HC expresses disappointment over Door to Door Vaccination campaign stoppage says it should be done even if guidelines are not given
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बृहस्पतिवार (20 मई) को बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह बुजुर्गाें और दिव्यांगाें के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। बीएमसी ने कहा कि इस अभियान के लिए केंद्र सरकार से दिशा-निर्देश आना बाकी है। जैसे ही दिशा-निर्देश आएंगे, हम डोर टू डोर वैक्सीनेशन शुरू करेंगे। बीएमसी ने बताया है कि फिलहाल वह हर दिन एक लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगा रहे हैं।

विज्ञापन


हाई कोर्ट ने बुधवार (19 मई) काे बीएमसी से पूछा, 'क्या बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ‘घर-घर टीकाकरण अभियान’ शुरू किया जा सकता है? हमें लगता है कि केंद्र सरकार घर-घर टीकाकरण अभियान काे लेकर इच्छुक नहीं है। क्या बीएमसी इसके लिए तैयार है? अगर कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन के लिए विशेषज्ञों की समिति (एनईजीवीएसी) इस अभियान के लिए तैयार है ताे केंद्र के दिशा-निर्देशाें के बिना भी वह डोर टू डोर वैक्सीनेशन शुरू करे। इसके लिए काेर्ट उसे अनुमति देगी।' हाईकोर्ट ने आगे कहा कि एनईजीवीएसी पीठ के आदेश का इंतजार किए बिना भी अभियान शुरू कर सकती है।
विज्ञापन


केंद्र के दिशानिर्देश का इंतजार
बृहस्पतिवार को दाखिल किए एक हकफनामे में बीएमसी ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि वह केंद्र सरकार के दिशानिर्देश पर वैक्सीन लगा रही है। केंद्र से अगले दिशानिर्देश आने के बाद ही घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हो सकेगा। बीएमसी के इस जवाब पर हाई कोर्ट ने निराशा जताई। कोर्ट ने कहा है कि वह केंद्र और बीएमसी से निराश है क्योंकि उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार लोगों के लिए वैक्सीनेशन का डोर टू डोर कार्यक्रम शुरू नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


टू डोर कोरोना टीकाकरण के मुद्दे पर पुनर्विचार
बीएमसी और केंद्र सरकार के खिलाफ यह टिप्प्णी मुख्य न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी की पीठ ने किया। पीठ ने केंद्र द्वारा गठित कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन के लिए विशेषज्ञों की समिति (एनईजीवीएसी) के अध्यक्ष से कहा कि वह डोर टू डोर कोरोना टीकाकरण के मुद्दे पर पुनर्विचार करें।


दो जून तक टली सुनवाई
वकील ध्रुति कापड़िया और कुणाल तिवारी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई दो जून तक टाल दी है। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, 'क्या सरकार कुछ खुराक कैदियों के लिए आवंटित कर सकती है क्योंकि कैदियों को भी जीवन का अधिकार है?'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed