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कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है, तो एएमयू में जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं : हामिद अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:42 PM IST
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हामिद अंसारी (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
दो महीने पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर खूब बवाल मचा था। अब पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान से लगता है कि ये बवाल एक बार फिर उभर कर सामने आएगा। हामिद अंसारी ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी जिन्ना की तस्वीर में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है, तो एएमयू में जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हो सकती ?
उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना यहां के छात्रसंघ की पुरानी परंपरा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सम्मानित होने वाले महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे, जिनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। जो कोई भी यहां सम्मानित होता है, उसकी तस्वीर लगाई जाती है। मोरारजी देसाई, मदर टेरेसा, खान अब्दुल गफ्फार खान समेत कई हस्तियों को यहां सम्मानित किया गया है और उनकी तस्वीर भी यहां की गैलरी में लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना भी उन्ही हस्तियों में से एक थे जिन्हें यहां सम्मानित किया गया था, इसीलिए उनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। इसमें गलत क्या है ? अगर विक्टोरिया मेमोरियल इस देश में हो सकता है तो जिन्ना की तस्वीर होने में गलत क्या है ?
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हामिद अंसारी ने कहा कि देश में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने शैक्षणिक प्रतिष्ठान के दृष्टिकोण से बनवाया था, तो क्या इन इमारतों को तोड़ देना चाहिए। हम ऐसा नहीं कर सकते। इमारतों और तस्वीरों पर हमला करना हमारी परंपरा में नहीं है।
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उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना यहां के छात्रसंघ की पुरानी परंपरा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सम्मानित होने वाले महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे, जिनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। जो कोई भी यहां सम्मानित होता है, उसकी तस्वीर लगाई जाती है। मोरारजी देसाई, मदर टेरेसा, खान अब्दुल गफ्फार खान समेत कई हस्तियों को यहां सम्मानित किया गया है और उनकी तस्वीर भी यहां की गैलरी में लगाई गई है।
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उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना भी उन्ही हस्तियों में से एक थे जिन्हें यहां सम्मानित किया गया था, इसीलिए उनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। इसमें गलत क्या है ? अगर विक्टोरिया मेमोरियल इस देश में हो सकता है तो जिन्ना की तस्वीर होने में गलत क्या है ?
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हामिद अंसारी ने कहा कि देश में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने शैक्षणिक प्रतिष्ठान के दृष्टिकोण से बनवाया था, तो क्या इन इमारतों को तोड़ देना चाहिए। हम ऐसा नहीं कर सकते। इमारतों और तस्वीरों पर हमला करना हमारी परंपरा में नहीं है।
कैसे शुरू हुआ था जिन्ना की तस्वीर को लेकर बवाल
इसी साल अप्रैल महीने में अलीगढ़ के भाजपा सांसद संतोष गौतम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जिन्ना की तस्वीर लगाने का क्या औचित्य है, जबकि जिन्ना भारत-पाकिस्तान विभाजन के मुख्य सूत्रधार थे। उन्होंने सवाल किया था कि एएमयू से जिन्ना की तस्वीर को क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए ?
भाजपा सांसद की इसी मांग को लेकर सियासी बवाल बढ़ गया था। उस समय भी पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यहीं कहा था कि विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर आजादी के पहले से लगी हुई है। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ये गलत नहीं है।
भाजपा सांसद की इसी मांग को लेकर सियासी बवाल बढ़ गया था। उस समय भी पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यहीं कहा था कि विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर आजादी के पहले से लगी हुई है। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ये गलत नहीं है।