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अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर ब्रेक: जोहो के संस्थापक वेम्बू बोले- स्वदेश लौटें भारतीय, मिलकर बनाएंगे नया भारत

Fri, 09 Oct 2026 01:07 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 09 Oct 2026 01:07 PM IST
सार

अमेरिकी श्रम विभाग ने टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल समेत कई कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित किया है। इससे संबंधित कंपनियों के जरिए ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों के आवेदन प्रभावित हो सकते हैं। इसी बीच जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में रह रहे भारतीयों से देश लौटने और अपने तकनीकी अनुभव से भारत को मजबूत बनाने की अपील की है।

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Halt on Green Cards in US Zoho founder Vembu says Indians should return home together we will build new India
श्रीधर वेम्बू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी पेशेवरों के सामने अब मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिकी सरकार ने कई बड़ी भारतीय आईटी कंपनियों समेत कुछ दूसरी कंपनियों को ग्रीन कार्ड दिलाने की प्रक्रिया के अहम हिस्से पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों से देश लौटने और भारत के तकनीकी भविष्य को मजबूत बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी तरक्की में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन अब वहां के एक बड़े वर्ग का नजरिया भारतीयों के प्रति बदलता दिखाई दे रहा है।

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'अमेरिका की तरक्की में भारतीयों का बड़ा हाथ'
श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीयों ने पिछले कई दशकों में अमेरिका की तकनीकी ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। भारतीय इंजीनियरों, आईटी विशेषज्ञों और तकनीकी पेशेवरों ने वहां की कंपनियों को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। इसके बावजूद अब ऐसा लग रहा है कि अमेरिका का एक बड़ा वर्ग भारतीयों को अपने बीच नहीं देखना चाहता। वेम्बू ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका में वीजा पर रह रहे भारतीयों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत से वहां अपना करियर बनाया, घर बसाया और बेहतर भविष्य के सपने देखे, उन्हें अब अपनी जिंदगी दोबारा शुरू करने की नौबत का सामना करना पड़ सकता है।
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'मुश्किल दौर को नए भविष्य की शुरुआत बनाइए'
श्रीधर वेम्बू का मानना है कि अमेरिका में पैदा हुई यह स्थिति भारतीयों के लिए एक नए रास्ते की शुरुआत भी बन सकती है। उन्होंने अमेरिका में रह रहे भारतीयों से भारत लौटने और देश के विकास में योगदान देने की अपील की। वेम्बू ने अपने संदेश में कहा कि इस मुश्किल दौर को एक साहसी और नए भविष्य की शुरुआत बनने देना चाहिए। उन्होंने भारतीय पेशेवरों से कहा कि वे वापस आएं और मिलकर भारत का निर्माण करें। उनकी अपील का मुख्य संदेश यही है कि विदेशों में हासिल किए गए अनुभव और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल भारत को मजबूत बनाने के लिए किया जा सकता है।

आखिर क्या है ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर लगी रोक का मामला?
श्रीधर वेम्बू की यह अपील ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी श्रम विभाग ने कई बड़ी कंपनियों को स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड दिलाने की प्रक्रिया से जुड़े एक अहम कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के दायरे में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), विप्रो और एचसीएल जैसी भारतीय आईटी कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। यह मामला अमेरिका के परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) से जुड़ा है। अमेरिकी कंपनियां इस प्रक्रिया के जरिए अपने विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की दिशा में आगे बढ़ती हैं। यह प्रक्रिया स्थायी निवास हासिल करने के रास्ते में एक महत्वपूर्ण कदम होती है।

PERM क्या है और कंपनियों को इसमें क्या साबित करना पड़ता है?
PERM प्रक्रिया के तहत किसी कंपनी को यह साबित करना होता है कि संबंधित पद के लिए अमेरिका में कोई योग्य, इच्छुक और उपलब्ध कर्मचारी नहीं है। साथ ही, विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से उसी तरह के काम करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कामकाजी परिस्थितियों पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए। अमेरिकी श्रम विभाग का आरोप है कि संबंधित कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने के लिए PERM व्यवस्था का दुरुपयोग किया। इसी आरोप के आधार पर विभाग ने इन कंपनियों से जुड़ी नई और पहले से लंबित श्रम प्रमाणन अर्जियों पर कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। हालांकि, इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि इन कंपनियों में काम करने वाले सभी विदेशी कर्मचारियों का रोजगार तुरंत खत्म हो जाएगा या उनका वीजा अपने आप रद्द हो जाएगा।

अमेरिकी श्रम विभाग ने क्या कहा?
अमेरिका के श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनियों के मामलों में अब कोई नया स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और न ही पहले से लंबित आवेदनों पर आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस फैसले के चलते प्रभावित कंपनियां फिलहाल नए PERM आवेदन दाखिल नहीं कर पाएंगी। पहले से जमा किए गए आवेदन भी निलंबन लागू रहने तक अटके रहेंगे। इससे उन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में देरी हो सकती है, जो अपने नियोक्ता के माध्यम से अमेरिका में स्थायी निवास पाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि PERM पर रोक और H-1B वीजा पर रोक दो अलग-अलग बातें हैं। इस कार्रवाई से H-1B वीजा अपने आप रद्द नहीं होता और न ही संबंधित कंपनियों को H-1B कर्मचारियों को नौकरी देने से स्वतः रोक दिया गया है।

पहली बार नहीं, पहले भी भारतीयों से कर चुके हैं घर लौटने की अपील
श्रीधर वेम्बू इससे पहले भी अमेरिका में वीजा पर रह रहे भारतीयों से देश लौटने की अपील कर चुके हैं। इस साल मई में उन्होंने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़े एक नए नियम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीयों से घर वापस आने को कहा था। उस समय सामने आए नियम के मुताबिक, कुछ आवेदकों को ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया के दौरान अमेरिका में रहकर आवेदन पूरा करने के बजाय अपने देश लौटकर आवेदन दाखिल करना पड़ सकता है। इस बदलाव को लेकर वेम्बू ने भारतीय पेशेवरों को अपने भविष्य पर दोबारा विचार करने की सलाह दी थी। उन्होंने तब भी कहा था कि भले ही भारत लौटना किसी को कठिन फैसला या त्याग लगे, लेकिन आत्मसम्मान को ध्यान में रखकर अपना रास्ता चुनना चाहिए। उनका संदेश साफ था कि भारतीयों को अपने देश की तरक्की में योगदान देने के अवसर तलाशने चाहिए और मिलकर भारत को गौरवशाली बनाना चाहिए।


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भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए आगे क्या मायने हैं?
अमेरिकी श्रम विभाग की इस कार्रवाई से प्रभावित कंपनियों के जरिए ग्रीन कार्ड पाने की कोशिश कर रहे कर्मचारियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। जिन लोगों ने अमेरिका में लंबे समय तक रहने, परिवार बसाने और स्थायी निवास हासिल करने की योजना बनाई है, उनके लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। हालांकि, PERM प्रक्रिया पर रोक लगने का अर्थ यह नहीं है कि हर भारतीय कर्मचारी को तुरंत अमेरिका छोड़ना होगा। इसका वास्तविक असर संबंधित कर्मचारी की वीजा स्थिति, ग्रीन कार्ड आवेदन के चरण और निलंबन की अवधि पर निर्भर करेगा।  

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