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Report: ट्रंप का नया एच-1बी वीजा फैसला भारत के लिए चिंता का विषय, 190 अरब डॉलर के सेवा निर्यात पर खतरा
Wed, 24 Sep 2025 07:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 24 Sep 2025 07:57 AM IST
सार
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह कदम अब केवल सामान के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत पर दबाव डाल रहा है। इस नए शुल्क से अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता बढ़ जाएगी।
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एच-1बी वीजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत के खिलाफ अमेरिका की संरक्षणवादी नीतियों को और बढ़ा देगा और भारत के 190 अरब डॉलर के सेवा निर्यात उद्योग को खतरे में डाल सकता है।
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रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का यह कदम अब केवल सामान के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत पर दबाव डाल रहा है। इस नए शुल्क से अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता बढ़ जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले ही अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और रूस के तेल पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया था। इन नीतियों ने भारत को चीन-रूस के करीब ला दिया। हालांकि, पीएम मोदी और ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अच्छे संबंध दिखाए, लेकिन एच-1बी शुल्क बढ़ाने का यह कदम फिर से व्यापारिक संबंधों को तनावपूर्ण बना सकता है।
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अमेरिकी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रुकी...
व्हाइट हाउस का कहना है कि एच-1बी वीजा से अमेरिकी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रुकी और उनके रोजगार प्रभावित हुए। आंकड़े बताते हैं कि 2000 में अमेरिका में 12 लाख विदेशी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) कर्मचारी थे, जो 2019 में बढ़कर लगभग 25 लाख हो गए।