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गुजरात: इस्लाम अपनाने के इच्छुक जिग्नेश पटेल को मंजूरी की आस, हाईकोर्ट ने भरुच कलेक्टर को दिया यह निर्देश

Thu, 14 Jan 2021 04:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी अमर उजाला न्यूज डेस्क, अहमदाबाद 
अमर उजाला न्यूज डेस्क, अहमदाबाद  Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 14 Jan 2021 04:40 PM IST
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Gujarat: High court wants Jignesh Patel to approve of Islam; High court gives instructions to Bharuch collector
गुजरात हाईकोर्ट - फोटो : social media
गुजरात के भरुच जिले में छह साल से मुस्लिमों की तरह रह रहे एक हिंदू व्यक्ति ने गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर उसकी धर्मांतरण की अर्जी पर जल्दी निर्णय कराने की गुहार लगाई है। 32 साल के जिग्नेश पटेल ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह जिले के प्राधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दे। उसका कहना है कि वह  अपना आवेदन जमा करने के बाद वह एक वर्ष से अधिक समय तक इंतजार कर चुका है। हाईकोर्ट ने उसकी अर्जी पर जिला कलेक्टर को आठ सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया है।
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याचिकाकर्ता जिग्नेश पटेल के वकील एम टी सैयद ने बृहस्पतिवार को कहा कि भरुच के कलेक्टर एक साल से अधिक समय से पटेल का आवेदन रोके हुए हैं, जबकि फरवरी 2020 में एक सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की जांच रिपोर्ट में इस संबंध में अनुकूल राय दी गई थी कि उन्हें धर्मांतरण की अनुमति दी जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने कहा-जितना जल्दी हो, फैसला करें 
हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने हाल के एक आदेश में जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह पटेल के आवेदन पर ‘‘जितना जल्दी हो सके’’ निर्णय लें, अच्छा हो आठ सप्ताह के भीतर ही निर्णय ले लिया जाए। पटेल के वकील ने कहा, ‘‘भरुच में कलेक्टर की अनुमति के लिए आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। याचिका कलेक्टर को आवेदन पर फैसला जल्दी लेने का निर्देश देने के लिए दायर की गई थी।’’
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जिग्नेश पटेल ने कहा-न दबाव न लाचल में धर्मांतरण
सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में यह स्थापित हुआ था कि पटेल पर धर्मपरिवर्तन का दबाव नहीं है, जिसका उल्लेख राज्य के धर्मांतरण निरोधक कानून में है। पटेल ने आवेदन 26 नवंबर, 2019 को कलेक्टर के पास इस हलफनामे के साथ दिया था कि धर्मांतरण के लिए उस पर न तो कोई दबाव है और न ही वह ऐसा किसी लालच में कर रहा है।

छह साल से रह रहा मुस्लिमों की तरह
याचिकाकर्ता ने अपने हलफनामे में कहा था कि वह इस्लाम के प्रति आकर्षित था और धर्म को अपनाना चाहता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह छह साल से मुस्लिमों की तरह रह रहा है, उसने कहा कि वह रमजान के दौरान रोजा रखता है, नमाज अदा करता है और और इस धर्म से जुड़े अन्य रिवाजों का पालन करता है।


जिग्नेश पटेल ने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में कहा कि उसके आवेदन को इमरान पटेल नाम के एक व्यक्ति द्वारा भी समर्थन किया गया था, जिसे धर्मांतरण का नेतृत्व करना था। उसने कहा कि उक्त कार्यक्रम पहले एक जनवरी, 2020 को होने वाला था, लेकिन कलेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया।
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