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Gujarat: गिराई गई मस्जिद की जमीन पर यथास्थिति बनाए रखें, गुजरात हाईकोर्ट का निर्देश

Wed, 24 May 2023 06:31 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 24 May 2023 06:31 AM IST
सार

जस्टिस एसवी पिंटो की अवकाश कालीन पीठ ने राज्य सरकार और दाहोद नगरपालिका को नोटिस जारी कर 8 जून तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने इस दौरान याचिकाकर्ता नगीना मस्जिद ट्रस्ट की जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।

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Gujarat High Court directs authorities to maintain status quo on century-old mosque property razed in Dahod
Gujarat High Court - फोटो : Social Media

विस्तार

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य के दाहोद शहर में अधिकारियों पर उस जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिस पर कुछ समय दिन पहले करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए गिरा दिया गया था। जस्टिस एसवी पिंटो की अवकाश कालीन पीठ ने राज्य सरकार और दाहोद नगरपालिका को नोटिस जारी कर आठ जून तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने इस दौरान याचिकाकर्ता नगीना मस्जिद ट्रस्ट की जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।

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याचिकाकर्ता ने कहा है कि संपत्ति पर मालिका हक को लेकर कई बार अपनी बात रखने के बावजूद 20 मई को तड़के चार बजे मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया, जो 1926 से वहां मौजूद थी। मस्जिद को न सिर्फ असांविधानिक तरीके से गिराया गया, बल्कि इससे गुजरात नगरपालिका अधिनियम और वक्फ अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लंघन हुआ है। ट्रस्ट ने मस्जिद और अन्य वक्फ संपत्तियों का पुनर्निर्माण कराने और अवैध तरीके से कार्रवाई करने के लिए मुआवजे की मांग भी की है।
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अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग
याचिकाकर्ता ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मस्जिद का निर्माण वर्ष 1926 में किया गया था। मस्जिद के बगल की दुकानों को ट्रस्ट द्वारा किराए पर दिया गया था और पैसे का इस्तेमाल मस्जिद और अन्य संपत्तियों के प्रबंधन में किया जाता था।
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याचिकाकर्ता के अनुसार, अधिकारियों ने 15 मई को दाहोद स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत नोटिस जारी करने के बाद कुछ दुकानों को गिराना शुरू किया। बाद में प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए ट्रस्ट से जुड़ी दुकानों को भी गिराना शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के बाद अधिकारी इस मुद्दे पर बैठक के लिए राजी हुए। बैठक में, प्रतिवादियों ने संपत्ति के दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने ट्रस्ट को 19 मई तक शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिद से धार्मिक किताबें, कुरान और अन्य वस्तुएं हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद 20 मई को तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे ढांचे को गिरा दिया गया

आईआईटी खड़गपुर के छात्र का शव कब्र से निकाला गया, दोबारा होगा पोस्टमार्टम

कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए आईआईटी खड़गपुर के छात्र फैजान अहमद का शव मंगलवार को कब्र से निकाला गया। असम के तिनसुकिया जिले के मैकेनिकल तृतीय वर्ष का छात्र फैजान पिछले साल अक्तूबर में अपने छात्रावास में मृत पाया गया था। डिब्रूगढ़ के अमोलपट्टी कब्रिस्तान में शव निकाले जाने के दौरान असम मेडिकल कॉलेज और गौहाटी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम और खड़गपुर टाउन थाने की चार सदस्यीय पुलिस टीम मौजूद थी। इस दौरान फैजान के परिवार के लोग भी थे। दोबारा पोस्टमार्टम के लिए शव बुधवार को कोलकाता ले जाया जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने फैजान के आत्महत्या करने का दावा किया था, जबकि परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया है।

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