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Gujarat Election 2022: ‘मोदी मैजिक’ को कितनी टक्कर दे पाएंगे राहुल गांधी, कैसे देंगे केजरीवाल फैक्टर को मात?

Tue, 06 Sep 2022 12:40 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 06 Sep 2022 12:40 PM IST
सार

Gujarat Election 2022: गुजरात में कांग्रेस की कोने-कोने तक पहुंच अभी भी बरकरार है, और आम आदमी पार्टी का कैडर निचले स्तर तक नहीं पहुंच सका है, यदि कांग्रेस इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने में सफल रहती है तो वह आम आदमी पार्टी की तरफ से होने वाले नुकसान को संभाल सकती है...

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Gujarat Election 2022: how Rahul Gandhi will defeat narendra modi and arvind kejriwal
Gujarat Election 2022- Rahul Gandhi at Parivartan Sankalp Sammelan at Ahmedabad - फोटो : Agency

विस्तार

एक महीने पहले तक गुजरात विधानसभा चुनाव की लड़ाई को लगभग एकतरफा माना जा रहा था। चर्चा थी कि ‘मोदी मैजिक’ पर सवार भाजपा इस बार गुजरात में न केवल बड़ी जीत हासिल करेगी, बल्कि वह कांग्रेस नेता माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में 1985 में हासिल किए गए 149 सीटों के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकती है। लेकिन जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है, राज्य की परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की राह में रोड़े अटकाने शुरू कर दिये हैं, तो पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बांधकर रखने में सफल रहे राहुल गांधी पांच सितंबर को अहमदाबाद पहुंचे। उन्होंने बड़े चुनावी वायदे कर कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक को साधते हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की दावेदारी को मजबूत करने की कोशिश की। बड़ा प्रश्न है कि राहुल गांधी मोदी मैजिक पर सवार भाजपा को प्रधानमंत्री के होम टर्फ पर कितनी मजबूत चुनौती दे पाएंगे? वे अरविंद केजरीवाल की प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरने की दावेदारी को कितना कमजोर कर पाएंगे?

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अहमदाबाद के साबरमती नदी के रिवरफ्रंट पर कांग्रेस के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव जीतने पर किसानों का तीन लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने, 10 लाख नौकरियां देने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया। उन्होंने 3000 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने और लड़कियों को मुफ्त शिक्षा देने के साथ 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया। माना जा रहा है कि यह घोषणा कर वे राज्य में आम आदमी पार्टी की बढ़ती चुनौती को कमजोर करना चाहते हैं।   

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गुजरात अस्मिता का मुद्दा रहेगा भारी

चूंकि, गुजरात में कांग्रेस की कोने-कोने तक पहुंच अभी भी बरकरार है, और आम आदमी पार्टी का कैडर निचले स्तर तक नहीं पहुंच सका है, यदि कांग्रेस इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने में सफल रहती है तो वह आम आदमी पार्टी की तरफ से होने वाले नुकसान को संभाल सकती है। लेकिन राहुल गांधी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के मैजिक का सामना करना मुश्किल हो सकता है। विशेषकर यह देखते हुए कि भाजपा इस बार भी पीएम मोदी के बहाने गुजरात अस्मिता का भावनात्मक कार्ड खेलेगी।

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कांग्रेस का वोट बैंक बना रहा

गुजरात में भाजपा के लगभग 27 साल के शासन के बाद भी कांग्रेस ने अपनी जड़ें बरकरार रखी हैं। 1985 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों वाले सदन में रिकॉर्ड 149 सीटों वाली कांग्रेस को उसके अगले ही चुनाव यानी 1990 में केवल 33 सीटों से संतोष करना पड़ा था। गोधरा कांड के साये में हुए 2002 के चुनाव में भी कांग्रेस 39.28 फीसदी वोट शेयर के साथ 51 सीटें जीतने में सफल रही थी। 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के आक्रामक चुनाव प्रचार से कांग्रेस 77 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। उसे 41.44 प्रतिशत वोट मिले थे। खराब हालत में भी कांग्रेस गुजरात में 35 से 40 फीसदी वोट बैंक बनाकर रखने में अब तक सफल रही है, लेकिन केजरीवाल की उपस्थिति के बीच वह इसे कितना बचाकर रख पाएगी, यह देखने वाली बात होगी।

किन क्षेत्रों में मजबूत

कांग्रेस गुजरात के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में अभी भी प्रभावी है। वर्तमान 64 विधायकों में भी उसके 21 विधायक इसी क्षेत्र से हैं। उत्तर गुजरात में भी उसके 21 विधायक और मध्य में 15 विधायक हैं। उत्तर गुजरात के मेहसाणा, पाटन, गांधीनगर, साबरकांठा और अरावली में पार्टी की स्थिति मजबूत है। मध्य गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, खेड़ा, पंचमहल, दामोह, छोटा उदयपुर और नर्मदा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी बेहतर पकड़ रखती है। दक्षिण के सूरत, तापी, भरूच, नवसारी, डांग और वलसाड में भी उसे सफलता मिलती है। टीयर-1 और टीयर-2 शहरों में भाजपा की पकड़ ज्यादा मजबूत है।   

केजरीवाल किसे पहुंचाएंगे नुकसान

गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार अरविंद केजरीवाल एक बड़े कारण साबित हो सकते हैं। उनकी दावेदारी सबसे ज्यादा आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में ही है। वे इन्हीं इलाकों में ग्रामीणों से मुलाकात कर लगातार अपनी मुफ्त की घोषणाओं की चर्चा कर रहे हैं। वे अपने साथ आदिवासी और पटेल समुदाय के लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका मुफ्त बिजली, दिन में 12 घंटे लगातार बिजली, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य का दावा उन ग्रामीणों को आकर्षित कर सकता है जो केजरीवाल के रूप में एक नया विकल्प देख रहे हैं।
 
राहुल गांधी का 3000 अंग्रेजी स्कूलों, कर्ज माफी और 10 लाख नौकरियों की घोषणा कांग्रेस के इसी वोट बैंक को संभालने की कोशिश बताई जा रही है। यदि अरविंद केजरीवाल इन इलाकों में मजबूत लड़ाई लड़ते हैं, तो वे कांग्रेस के आधार वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। आम आदमी पार्टी स्वयं गुजरात में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। लेकिन उसकी इस कोशिश में वोटों का बंटवारा होगा और तात्कालिक तौर पर इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी को ही मिल सकता है।
 
केजरीवाल गुजरात के शहरी इलाकों में भी लगातार कर्मचारियों, सफाई कर्मियों, अध्यापकों और अन्य वर्गों से मुलाकात कर अपना आधार मजबूत करने का काम कर रहे हैं। यदि इन इलाकों में वे अपने वोट बैंक को मजबूत करने का काम कर पाए तो इसका भाजपा को नुकसान हो सकता है। हालांकि, भाजपा स्वयं यह मानकर चल रही है कि अरविंद केजरीवाल को गुजरात में ज्यादा सफलता नहीं मिलने वाली है। आम आदमी पार्टी को गुजरात में उतनी ही सफलता मिल सकती है जितना उसे गोवा जैसे राज्य में मिला था।  

नहीं चलेगी केजरीवाल की चाल– कांग्रेस

क्या अरविंद केजरीवाल गुजरात में कांग्रेस को बड़ा नुकसान पहुंचाने में सफल हो जाएंगे? अमर उजाला के इस सवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरूपम ने कहा कि केजरीवाल की राजनीति लगातार बेपर्दा हो चुकी है। यही कारण है कि अब उनका जादू कहीं नहीं चल रहा है। लोकसभा चुनावों के अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और हरियाणा तक में अपनी किस्मत आजमाई थी। लेकिन उनके उम्मीदवारों ने केवल जमानत जब्त कराने का रिकॉर्ड ही बनाया। उत्तराखंड, गोवा और हिमाचल प्रदेश में उनके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और प्रदेश अध्यक्ष भी उनका साथ छोड़कर भाजपा में जा मिले हैं।


 
संजय निरूपम ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को सूरत नगर निगम चुनाव में मिली सफलता उनकी अपनी कमाई नहीं थी। भाजपा के ही एक नाराज ग्रुप के विद्रोह के कारण अरविंद केजरीवाल अपनी पैठ बनाने में कामयाब हो गए थे, लेकिन उस ग्रुप ने अब अरविंद केजरीवाल से किनारा कर लिया है, लिहाजा अब उन्हें सूरत में भी सफलता नहीं मिल पाएगी। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर दमदार प्रदर्शन करेगी और सफलता हासिल करेगी।

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