{"_id":"63491c334668270fd91569ff","slug":"gujarat-election-2022-date-issues-of-gujarat-elections-faces-for-the-post-of-chief-ministers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gujarat Election 2022 Date: किन मुद्दों पर होगा गुजरात चुनाव, कौन से चेहरे CM पद के दावेदार? जानें सभी समीकरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat Election 2022 Date: किन मुद्दों पर होगा गुजरात चुनाव, कौन से चेहरे CM पद के दावेदार? जानें सभी समीकरण
Fri, 14 Oct 2022 01:52 PM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 14 Oct 2022 01:52 PM IST
सार
Gujarat Election 2022 Date: 2017 के मुकाबले इस बार के चुनाव में कुछ बदलाव देखने को मिलेगा। तब चुनाव में सीधी लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच थी, इस बार आम आदमी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय करने में लगी हुई है।
विज्ञापन
गुजरात चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज एलान हो सकता है। राज्य में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं। पिछले 24 साल से राज्य में भाजपा की सरकार है। ऐसे में सबकी नजर इस बार के चुनाव पर टिकी हैं। सवाल है कि क्या इस बार गुजरात में कोई बदलाव होगा या भाजपा का जादू बरकरार रहेगा? राज्य में हमेशा कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला होता था, इस बार आम आदमी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगी हुई है। आइए सारे समीकरण समझते हैं।
विज्ञापन
पिछली बार कब हुए थे चुनाव?
गुजरात में पिछली बार दो चरणों में चुनाव हुए थे। 25 अक्टूबर 2017 को चुनाव तारीखों का एलान हुआ। पहले चरण के लिए 14 नवंबर को अधिसूचना जारी हुई थी और दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को। पहले चरण का चुनाव नौ दिसंबर 2017 और दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर को नतीजे आए थे। पहले चरण में 89 और दूसरे चरण में 93 सीटों पर वोटिंग हुई थी।
गुजरात में पिछली बार दो चरणों में चुनाव हुए थे। 25 अक्टूबर 2017 को चुनाव तारीखों का एलान हुआ। पहले चरण के लिए 14 नवंबर को अधिसूचना जारी हुई थी और दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को। पहले चरण का चुनाव नौ दिसंबर 2017 और दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर को नतीजे आए थे। पहले चरण में 89 और दूसरे चरण में 93 सीटों पर वोटिंग हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या इस बार बदलेंगे समीकरण?
यूं तो पिछले 24 साल से गुजरात की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी ही काबिज है, लेकिन इस बार समीकरण बदले नजर आएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली और पंजाब जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भी पूरी ताकत लगा दी है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
कांग्रेस में 2017 के कई बड़े चेहरे इस बार साथ पार्टी छोड़ चुके हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम हार्दिक पटेल का है। हार्दिक ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है। 2017 में हार्दिक ने गुजरात में पाटिदार आंदोलन करके बड़ा नाम कमाया था। उनके साथ जिग्नेश मेवानी जैसे कई युवा कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे। अब हार्दिक भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
यूं तो पिछले 24 साल से गुजरात की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी ही काबिज है, लेकिन इस बार समीकरण बदले नजर आएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली और पंजाब जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भी पूरी ताकत लगा दी है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
कांग्रेस में 2017 के कई बड़े चेहरे इस बार साथ पार्टी छोड़ चुके हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम हार्दिक पटेल का है। हार्दिक ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है। 2017 में हार्दिक ने गुजरात में पाटिदार आंदोलन करके बड़ा नाम कमाया था। उनके साथ जिग्नेश मेवानी जैसे कई युवा कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे। अब हार्दिक भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे
भूपेंद्र भाई पटेल: भाजपा के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं। अगर भाजपा चुनाव जीतने में कामयाब होती है, तो भूपेंद्र भाई पटेल को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। 2017 में भी ऐसा ही हुआ था। चुनाव से 15 महीने पहले विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव हुए थे और पार्टी ने जीतने के बाद उन्हें फिर से सीएम बनाया गया था।
जगदीश भाई मोतीजी ठाकोर : गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। जगदीश भाई भी कांग्रेस की तरफ से सीएम पद की रेस में हैं। हालांकि, अभी पार्टी ने किसी भी नाम का एलान नहीं किया है। जगदीश भाई के अलावा कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल, जिग्नेश मेवानी व कुछ अन्य नेता भी इस दौड़ में हैं।
गोपाल इटालिया : आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया भी सीएम पद की रेस में हैं। अगर आम आदमी पार्टी को जीत मिलती है तो गोपाल इटालिया पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। गोपाल इन दिनों काफी विवादों में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
भूपेंद्र भाई पटेल: भाजपा के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं। अगर भाजपा चुनाव जीतने में कामयाब होती है, तो भूपेंद्र भाई पटेल को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। 2017 में भी ऐसा ही हुआ था। चुनाव से 15 महीने पहले विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव हुए थे और पार्टी ने जीतने के बाद उन्हें फिर से सीएम बनाया गया था।
जगदीश भाई मोतीजी ठाकोर : गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। जगदीश भाई भी कांग्रेस की तरफ से सीएम पद की रेस में हैं। हालांकि, अभी पार्टी ने किसी भी नाम का एलान नहीं किया है। जगदीश भाई के अलावा कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल, जिग्नेश मेवानी व कुछ अन्य नेता भी इस दौड़ में हैं।
गोपाल इटालिया : आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया भी सीएम पद की रेस में हैं। अगर आम आदमी पार्टी को जीत मिलती है तो गोपाल इटालिया पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। गोपाल इन दिनों काफी विवादों में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
चुनाव प्रचार के प्रमुख चेहरे
1. नरेंद्र मोदी: 2014 के बाद चुनाव कहीं भी हों, भाजपा के लिए चेहरा प्रधानमंत्री मोदी ही होते हैं। गुजरात में तो भाजपा के लिए तो सबसे बड़ा चेहरा पीएम मोदी का ही हैं। मोदी 12 साल से भी ज्यादा समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी का ज्यादातर राजनीतिक समय गुजरात में ही बीता है। मोदी ने अभी से रैलियां भी शुरू कर दी हैं। फिलहाल वह सरकारी योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास कर रहे हैं।
2. अमित शाह : पीएम मोदी के बाद गुजरात चुनाव में भाजपा के लिए दूसरा सबसे बड़ा चेहरा गृहमंत्री अमित शाह का होगा। अमित शाह गुजरात के गांधीनगर से सांसद हैं। गुजरात के ही रहने वाले हैं और राजनीति स्तर पर आने से पहले इनकी पूरी राजनीति गुजरात पर ही फोकस रही है।
3. अरविंद केजरीवाल: पंजाब में आम आदमी पार्टी को जीत दिलाने के बाद अरविंद केजरीवाल का मनोबल काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि उन्होंने इस बार पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में चुनौती दी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से केजरीवाल चुनाव प्रचार में प्रमुख चेहरे हैं।
4. प्रियंका गांधी : कांग्रेस नेता राहुल गांधी अभी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। गुजरात चुनाव के दौरान भी वह यात्रा पर रहेंगे। ऐसे में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार का सबसे बड़ा चेहरा प्रियंका गांधी होंगी। प्रियंका में राज्य के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका में दिखाई देंगी। इसके साथ ही पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का एलान भी 19 अक्टूबर हो होना है। इसके बाद नए अध्यक्ष की पहली परीक्षा गुजरात और हिमचाल चुनाव में ही होनी है।
1. नरेंद्र मोदी: 2014 के बाद चुनाव कहीं भी हों, भाजपा के लिए चेहरा प्रधानमंत्री मोदी ही होते हैं। गुजरात में तो भाजपा के लिए तो सबसे बड़ा चेहरा पीएम मोदी का ही हैं। मोदी 12 साल से भी ज्यादा समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी का ज्यादातर राजनीतिक समय गुजरात में ही बीता है। मोदी ने अभी से रैलियां भी शुरू कर दी हैं। फिलहाल वह सरकारी योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास कर रहे हैं।
2. अमित शाह : पीएम मोदी के बाद गुजरात चुनाव में भाजपा के लिए दूसरा सबसे बड़ा चेहरा गृहमंत्री अमित शाह का होगा। अमित शाह गुजरात के गांधीनगर से सांसद हैं। गुजरात के ही रहने वाले हैं और राजनीति स्तर पर आने से पहले इनकी पूरी राजनीति गुजरात पर ही फोकस रही है।
3. अरविंद केजरीवाल: पंजाब में आम आदमी पार्टी को जीत दिलाने के बाद अरविंद केजरीवाल का मनोबल काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि उन्होंने इस बार पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में चुनौती दी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से केजरीवाल चुनाव प्रचार में प्रमुख चेहरे हैं।
4. प्रियंका गांधी : कांग्रेस नेता राहुल गांधी अभी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। गुजरात चुनाव के दौरान भी वह यात्रा पर रहेंगे। ऐसे में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार का सबसे बड़ा चेहरा प्रियंका गांधी होंगी। प्रियंका में राज्य के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका में दिखाई देंगी। इसके साथ ही पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का एलान भी 19 अक्टूबर हो होना है। इसके बाद नए अध्यक्ष की पहली परीक्षा गुजरात और हिमचाल चुनाव में ही होनी है।
चुनाव में विपक्ष के बड़े मुद्दे
1. किसान: पिछले दो साल से राष्ट्रीय स्तर पर किसानों का मुद्दा हावी है। कृषि कानून के बाद से इसमें ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। गुजरात में भी ये बड़ा मुद्दा बन रहा है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर रही है, लेकिन किसानों का नहीं। इसी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटी है।
2. बेरोजगारी: चुनाव रैलियों के दौरान विपक्ष बेरोजगारी का मुद्दा उठाएगा। युवाओं में रोजगार के कम अवसर की वजह असंतोष की बातें में लगातार आती रही हैं। भर्ती परीक्षाओं में देरी का भी मुद्दा हावी रह सकता है।
3. महंगाई : राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई का मुद्दा हावी रहा है। इसका असर गुजराज चुनाव में भी देखने को मिलेगा। अभी से विपक्षी दलों के नेता महंगाई पर सरकार को घेरने में जुटे हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों, सब्जियों और खाद्य पदार्थों की महंगाई को लेकर भी सरकार निशाने पर है।
1. किसान: पिछले दो साल से राष्ट्रीय स्तर पर किसानों का मुद्दा हावी है। कृषि कानून के बाद से इसमें ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। गुजरात में भी ये बड़ा मुद्दा बन रहा है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर रही है, लेकिन किसानों का नहीं। इसी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटी है।
2. बेरोजगारी: चुनाव रैलियों के दौरान विपक्ष बेरोजगारी का मुद्दा उठाएगा। युवाओं में रोजगार के कम अवसर की वजह असंतोष की बातें में लगातार आती रही हैं। भर्ती परीक्षाओं में देरी का भी मुद्दा हावी रह सकता है।
3. महंगाई : राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई का मुद्दा हावी रहा है। इसका असर गुजराज चुनाव में भी देखने को मिलेगा। अभी से विपक्षी दलों के नेता महंगाई पर सरकार को घेरने में जुटे हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों, सब्जियों और खाद्य पदार्थों की महंगाई को लेकर भी सरकार निशाने पर है।
भाजपा के क्या हैं मुद्दे?
भाजपा ने विकास, राष्ट्र सुरक्षा, आम लोगों की सहूलियत, गरीबों-किसानों को मजबूत बनाने के मुद्दे पर चुनावी मैदान पर उतरने का फैसला लिया है। भाजपा हर जगह अपने विकास कार्यों की गिनती करा रही है। एम्स, आईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को बनाने की बात कह रही है। हाईवे, पुल, अंडर ब्रिज, टनल, मेट्रो जैसे अन्य कार्यों को बताकर लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही है।
भाजपा ने विकास, राष्ट्र सुरक्षा, आम लोगों की सहूलियत, गरीबों-किसानों को मजबूत बनाने के मुद्दे पर चुनावी मैदान पर उतरने का फैसला लिया है। भाजपा हर जगह अपने विकास कार्यों की गिनती करा रही है। एम्स, आईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को बनाने की बात कह रही है। हाईवे, पुल, अंडर ब्रिज, टनल, मेट्रो जैसे अन्य कार्यों को बताकर लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही है।