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Gujarat: AAP MLA चैतर वसावा समेत नौ दोषी करार, वन अधिकारियों से मारपीट मामले में सात साल की सजा, सदस्यता भी गई

Tue, 23 Jun 2026 03:08 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 23 Jun 2026 03:08 PM IST
सार

गुजरात की नर्मदा जिला अदालत ने AAP विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को वन अधिकारियों से मारपीट, धमकी और वसूली के मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है। यह मामला 2023 का है। चैतर वसावा दक्षिण गुजरात में AAP के प्रमुख आदिवासी नेता माने जाते हैं। 

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Gujarat Court sentenced AAP MLA Chaitar Vasava eight others seven years in prison assaulting forest officials
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा को सात साल की सजा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। नर्मदा जिले की एक अदालत ने पार्टी के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को वन विभाग के अधिकारियों से मारपीट, धमकी और वसूली के मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब चैतर वसावा दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं। अदालत के इस फैसले से राज्य में AAP की राजनीतिक रणनीति को बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
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विधानसभा के उपाध्यक्ष ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा अब विधायक नहीं रहे। कानून के मुताबिक उनकी सीट को रिक्त माना जाएगा। चैतर वसावा गुजरात AAP के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। वह 2022 के विधानसभा चुनाव में डेडियापाड़ा सीट से जीतकर चर्चा में आए थे। उनकी जीत ने दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाके में AAP को मजबूत आधार दिया था। चैतर वसावा ने खुद को आदिवासी भूमि अधिकारों के प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया था। हालांकि, अब अदालत के फैसले ने उनकी राजनीतिक राह मुश्किल कर दी है।
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अरविंद केजरीवाल ने सरकार को घेरा

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के आदिवासी नेता चैतर वसावा को सात साल की सजा मिलने के मामले में केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, ईडी पार्टी ने षड्यंत्र करके गुजरात के बेहद लोकप्रिय नेता चैतर वसावा को सात साल की जेल करवा दी। गुजरात की जनता इसका बदला लेगी।
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क्या है पूरा मामला और चैतर वसावा पर क्या आरोप थे?

यह मामला 30 अक्तूबर 2023 का है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कुछ ग्रामीणों को निर्देश दिए थे। इसके बाद चैतर वसावा ने पांच वन अधिकारियों को अपने डेडियापाड़ा स्थित घर बुलाया। प्राथमिकी के मुताबिक, चैतर वसावा और उनके साथियों ने अधिकारियों के साथ अभद्रता की, एक अधिकारी के साथ मारपीट की और प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग की।

क्या हवाई फायरिंग और वसूली के भी आरोप लगे थे?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, चैतर वसावा ने इस दौरान कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की थी। आरोप है कि जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया, उसके लिए उनके पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसके चलते उन पर आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा दंगा, वसूली, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने और धमकी देने जैसी धाराएं भी लगाई गईं। आरोप है कि अगले दिन उनके निजी सहायक ने वन अधिकारियों से दोबारा मुआवजे की मांग की थी।

मामले में और कौन-कौन आरोपी था?

इस मामले में चैतर वसावा के अलावा उनकी पत्नी शकुंतला वसावा, निजी सहायक जितेंद्र, रमेश वसावा और अन्य ग्रामीणों को भी आरोपी बनाया गया था। शकुंतला वसावा उस समय नर्मदा जिला पंचायत की सदस्य थीं। घटना के बाद कुछ आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि चैतर वसावा कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को आत्मसमर्पण किया था। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव में भरूच सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की थी?

इस वर्ष 27 मई को गुजरात हाईकोर्ट ने चैतर वसावा की अतिरिक्त बचाव गवाहों को पेश करने की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह मुकदमे को टालने की आखिरी कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। अदालत ने यह भी कहा था कि निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को लेकर चैतर वसावा की आशंका निराधार है। अब निचली अदालत के फैसले के बाद गुजरात की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि चैतर वसावा को AAP का बड़ा आदिवासी चेहरा माना जाता है।
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