फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat Bridge Collapse: Eyewitness Shares Morbi Cable Bridge Accident Story News In Hindi

Gujarat Bridge Collapse: आठ महीने की गर्भवती तड़प रही थी, लोग गिर रहे थे और हम...हादसे का आंखों देखा हाल

Mon, 31 Oct 2022 01:31 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Mon, 31 Oct 2022 01:31 PM IST
सार

हादसे को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मरने वालों में बच्चे भी थे। वे रो रहे थे। चिल्ला रहे थे और हम कुछ नहीं कर पा रहे थे...मोरबी हादसे में एक चश्मदीद के शब्द...

विज्ञापन
Gujarat Bridge Collapse: Eyewitness Shares Morbi Cable Bridge Accident Story News In Hindi
मोरबी पुल हादसा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

"मैंने जो कुछ देखा वह दिल दहला देने वाला था... अपनी जिंदगी में इससे बुरा कभी नहीं देखा। मेरे सामने आठ महीने की गर्भवती महिला तड़प-तड़प कर मर गई। लोग केबल से लटके हुए थे और नदी में गिरते जा रहे थे...और मैं कुछ नहीं कर पा रहा था। "

विज्ञापन


यह शब्द गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी के किनारे चाय बेचने वाले के हैं। लोगों को बचा न पाने की टीस उनके मन में है। रात का मंजर याद करते ही उनकी आंखें भर आती हैं। वह कहते हैं मुझे रात भर नहीं आई, मैं लोगों को बचाने की कोशिश करता रहा। फिर भी नहीं बचा सका....
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

इस चायवाले की तरह हादसे की एक और चश्मदीद हसीना कहती हैं, "हादसे को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मरने वालों में बच्चे भी थे। वे रो रहे थे। चिल्ला रहे थे और हम कुछ नहीं कर पा रहे थे। मैं परिवार के लोगों की तरह उनको बचाने की कोशिश कर रही थी। मैंने लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपनी गाड़ी भी दी, लेकिन देर हो चुकी थी।"


अब तक सामने आ रहीं लाशें 

मोरबी हादसे को हुए अब तक करीब 15 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन नदी से लाशों को निकाले जाने का सिलसिला जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 177 लोगों को बचाया जा चुका है और कई घायल हैं। 
 

जानबूझकर पुल हिला रहे थे लोग

इस हादसे में बाल-बाल बचे विजय के मुताबिक, जब वह और उनके परिजन पुल पर पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को जोर-जोर से हिला रहे थे। इससे आने-जाने वालों को काफी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में विजय को लगा कि इस पुल पर रुकने में खतरा हो सकता है। इसके चलते वह और उनके परिजन बिना आगे बढ़े पुल से लौट आए। विजय ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पुल के स्टाफ को भी जानकारी दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। 

पुल की क्षमता 100 लोगों की 

मिली जानकारी के मुताबिक, इस पुल की क्षमता करीब 100 लोगों की ही है। वहीं, इस पुल पर आने के लिए करीब 15 रुपये की फीस भी लगती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि दिवाली के बाद वाले वीकेंड पर कमाई के लालच में इस पुल को बिना फिटनेस जांच के ही खोल दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि घटना के वक्त करीब 400 से 500 लोग पुल पर थे। ऐसे में भारी भीड़ का बोझ पुल सह नहीं पाया और टूट गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article