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गुजरात में खौफनाक वारदात: भुगतान विवाद में वाहन में लगाई आग; एमपी के दो मजदूर जिंदा जले, एक नाबालिग भी शामिल
Tue, 03 Nov 2026 11:10 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, गांधीनगर।
आईएएनएस, गांधीनगर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 03 Nov 2026 11:10 PM IST
सार
गुजरात में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन का विवाद दो मजदूरों की दर्दनाक मौत की वजह बन गया। आरोप है कि गाड़ी वापस लिए जाने से नाराज दो भाइयों ने उसमें आग लगा दी, जिसमें सो रहे 16 साल के लड़के समेत दो लोगों की जान चली गई। पूरा मामला क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुजरात के अमरेली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार को एक यात्री वाहन में सो रहे मध्य प्रदेश के दो मजदूरों (जिनमें 16 वर्ष का एक लड़का भी शामिल था) को कथित तौर पर आग लगाकर जिंदा जला दिया गया। बताया जा रहा है कि यह घटना पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर हुई।
पुलिस ने बताया कि हमला करने के आरोप में दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना आधी रात के आसपास लिलिया तालुका के गुंडारण गांव के बाहरी इलाके में हुई, जहां दो लोग एक खेत में खड़ी पैसेंजर गाड़ी के अंदर सो रहे थे।
मृतकों की पहचान रवि बघेल (16) और नितिन पचया (21) के रूप में हुई है। रवि, शिकायतकर्ता कमलेश बघेल का बेटा था, जबकि नितिन उनका भतीजा था।
आरोपियों ने कैसे लगाई गाड़ी में आग?
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी विनोद डोडियार और उसके भाई राजू ने कथित तौर पर गाड़ी पर कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसमें आग लगा दी। गाड़ी के अंदर मौजूद दोनों लोग फंस गए और आग में जलकर उनकी मौत हो गई।
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ये भी पढ़ें: राहुल गांधी पर मंगल प्रभात लोढ़ा का हमला: जिन्ना से की तुलना; महाराष्ट्र के मंत्री ने क्या-क्या आरोप लगाए?
क्या था पैसों के लेन-देन का विवाद?
पुलिस ने बताया कि यह घटना गाड़ी के 60,000 रुपए के बकाया भुगतान को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी। विनोद ने यह गाड़ी शिकायतकर्ता से किस्तों पर खरीदी थी।
विनोद किस्तें नहीं चुका पाया था, इसलिए गाड़ी के मूल विक्रेता ने कमलेश बघेल को गाड़ी वापस अपने कब्जे में लेने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने घटना से लगभग 10 दिन पहले ही गाड़ी वापस अपने कब्जे में ले ली थी, जिससे आरोपी नाराज हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया, "शिकायतकर्ता ने 10 दिन पहले ही आरोपियों से यह गाड़ी वापस ले ली थी। इसी बात की रंजिश रखते हुए विनोद डोडियार ने अपने भाई के साथ मिलकर गाड़ी में आग लगाने की साजिश रची। उस समय गाड़ी के अंदर सो रहे शिकायतकर्ता के बेटे और भतीजे की आग की चपेट में आने से मौत हो गई।"
उन्होंने आगे बताया कि 60,000 रुपए का बकाया भुगतान नहीं हुआ था और गाड़ी वापस लिए जाने का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसमें आग लगाने का फैसला किया।
पुलिस ने आरोपियों को कब गिरफ्तार किया?
घटना के बाद, लिलिया पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब आगे की जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम क्या था और क्या इसमें कोई और भी शामिल था।
इन मौतों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, जिसमें हत्या से जुड़ी धारा 103(1) भी शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस ने बताया कि हमला करने के आरोप में दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना आधी रात के आसपास लिलिया तालुका के गुंडारण गांव के बाहरी इलाके में हुई, जहां दो लोग एक खेत में खड़ी पैसेंजर गाड़ी के अंदर सो रहे थे।
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मृतकों की पहचान रवि बघेल (16) और नितिन पचया (21) के रूप में हुई है। रवि, शिकायतकर्ता कमलेश बघेल का बेटा था, जबकि नितिन उनका भतीजा था।
आरोपियों ने कैसे लगाई गाड़ी में आग?
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी विनोद डोडियार और उसके भाई राजू ने कथित तौर पर गाड़ी पर कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसमें आग लगा दी। गाड़ी के अंदर मौजूद दोनों लोग फंस गए और आग में जलकर उनकी मौत हो गई।
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क्या था पैसों के लेन-देन का विवाद?
पुलिस ने बताया कि यह घटना गाड़ी के 60,000 रुपए के बकाया भुगतान को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी। विनोद ने यह गाड़ी शिकायतकर्ता से किस्तों पर खरीदी थी।
विनोद किस्तें नहीं चुका पाया था, इसलिए गाड़ी के मूल विक्रेता ने कमलेश बघेल को गाड़ी वापस अपने कब्जे में लेने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने घटना से लगभग 10 दिन पहले ही गाड़ी वापस अपने कब्जे में ले ली थी, जिससे आरोपी नाराज हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया, "शिकायतकर्ता ने 10 दिन पहले ही आरोपियों से यह गाड़ी वापस ले ली थी। इसी बात की रंजिश रखते हुए विनोद डोडियार ने अपने भाई के साथ मिलकर गाड़ी में आग लगाने की साजिश रची। उस समय गाड़ी के अंदर सो रहे शिकायतकर्ता के बेटे और भतीजे की आग की चपेट में आने से मौत हो गई।"
उन्होंने आगे बताया कि 60,000 रुपए का बकाया भुगतान नहीं हुआ था और गाड़ी वापस लिए जाने का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसमें आग लगाने का फैसला किया।
पुलिस ने आरोपियों को कब गिरफ्तार किया?
घटना के बाद, लिलिया पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब आगे की जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम क्या था और क्या इसमें कोई और भी शामिल था।
इन मौतों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, जिसमें हत्या से जुड़ी धारा 103(1) भी शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है।