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असम सरकार के बड़े फैसले: बहुविवाह करने पर छिनेगी सरकारी नौकरी, बाढ़ की वजह तलाशने के लिए सीबीआई जांच की तैयार
Tue, 03 Nov 2026 11:26 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, गुवाहाटी
पीटीआई, गुवाहाटी
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 03 Nov 2026 11:26 PM IST
सार
असम सरकार सिवसागर और चराइदेव में आई भीषण बाढ़ की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को पत्र लिखेगी, वहीं बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का प्रावधान भी लागू करने की तैयारी है।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
असम सरकार ने इस साल सिवसागर और चराइदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ की असली वजह का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ किया है कि बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। यह नियम धर्म की परवाह किए बिना सभी कर्मचारियों पर लागू होगा।
10 दिन के भीतर केंद्र को भेजा जाएगा पत्र
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार सिवसागर और चराइदेव जिलों में आई बाढ़ के पीछे की असली वजह जानना चाहती है। इसके लिए अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि, मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
बाढ़ से भारी नुकसान, 108 लोगों की मौत
इस साल असम में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। पूर्वी असम में दिक्खौ नदी के उफान ने चराइदेव, सिवसागर और जोरहाट जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया। बाढ़ के कारण राज्य में कम से कम 108 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा घरों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, पशुशालाओं, मछली पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा। सरकार अब यह पता लगाना चाहती है कि आखिर इन इलाकों में इतनी भीषण बाढ़ आने की मुख्य वजह क्या थी।
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बहुविवाह करने पर सरकारी नौकरी से होगी छुट्टी
कैबिनेट बैठक में असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा और अनुशासन नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नियमों में नया प्रावधान जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह यानी एक से अधिक शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे कर्मचारी के भविष्य में सरकारी नौकरी पाने पर भी रोक लग सकती है।
सभी धर्मों के कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह प्रावधान हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा। इसके लिए असम सेवा एवं अनुशासन नियम के नियम 7 में क्लॉज 6 जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि नियम का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए एक समान अनुशासन व्यवस्था लागू करना है।
ये भी पढ़ें: दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जाम: त्योहारी सीजन की धूम, खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़; रेंगने को मजबूर गाड़ियां
UCC लागू करने की तैयारी तेज
गौरतलब है कि असम विधानसभा ने 27 मई को समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा विधेयक पारित किया था। इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। 13 अक्टूबर को गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने बताया था कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। राज्य सरकार कानून लागू करने के लिए इसके नियम तैयार करने के उद्देश्य से एक समिति भी गठित कर चुकी है।
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10 दिन के भीतर केंद्र को भेजा जाएगा पत्र
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार सिवसागर और चराइदेव जिलों में आई बाढ़ के पीछे की असली वजह जानना चाहती है। इसके लिए अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि, मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
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बाढ़ से भारी नुकसान, 108 लोगों की मौत
इस साल असम में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। पूर्वी असम में दिक्खौ नदी के उफान ने चराइदेव, सिवसागर और जोरहाट जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया। बाढ़ के कारण राज्य में कम से कम 108 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा घरों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, पशुशालाओं, मछली पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा। सरकार अब यह पता लगाना चाहती है कि आखिर इन इलाकों में इतनी भीषण बाढ़ आने की मुख्य वजह क्या थी।
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बहुविवाह करने पर सरकारी नौकरी से होगी छुट्टी
कैबिनेट बैठक में असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा और अनुशासन नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नियमों में नया प्रावधान जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह यानी एक से अधिक शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे कर्मचारी के भविष्य में सरकारी नौकरी पाने पर भी रोक लग सकती है।
सभी धर्मों के कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह प्रावधान हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा। इसके लिए असम सेवा एवं अनुशासन नियम के नियम 7 में क्लॉज 6 जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि नियम का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए एक समान अनुशासन व्यवस्था लागू करना है।
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UCC लागू करने की तैयारी तेज
गौरतलब है कि असम विधानसभा ने 27 मई को समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा विधेयक पारित किया था। इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। 13 अक्टूबर को गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने बताया था कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। राज्य सरकार कानून लागू करने के लिए इसके नियम तैयार करने के उद्देश्य से एक समिति भी गठित कर चुकी है।