{"_id":"642f6ee22ea62ac26e066bf4","slug":"gravitational-waves-observatory-to-be-built-to-understand-astronomical-events-2023-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"LIGO: खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए बनेगी गुरुत्वाकर्षी तरंगों वाली वेधशाला, 2600 करोड़ की परियोजना को मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
LIGO: खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए बनेगी गुरुत्वाकर्षी तरंगों वाली वेधशाला, 2600 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
Fri, 07 Apr 2023 06:46 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 07 Apr 2023 06:46 AM IST
सार
लिगो इंडिया को संचालन परमाणु ऊर्जा विभाग करेगा। इसके निर्माण और संचालन में इस विभाग की तीन संस्थाएं और यूजीसी की एक स्वायत्त बॉडी की हिस्सेदारी होगी।
विज्ञापन
astronomical सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेब ऑब्जर्वेटरी-इंडिया (लिगो इंडिया) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को 2600 करोड़ रुपये की लागत से लिगो इंडिया की स्थापना किए जाने पर मुहर लगाई।
परमाणु ऊर्जा विभाग ने इस बारे में जारी एक बयान में कहा, ब्रह्मांड की बेहतर समझ और न्यूट्रॉन सितारों व ब्लैक होल्स जैसी खगोलीय अवधारणाओं के अध्ययय के लिए गुरुत्वाकर्षी तरंगों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इन तरंगों को तलाशने और उनके स्रोत का पता लगाने के लिए कम से कम तीन वेधशालाओं की जरूरत होती है। दो पहले से अमेरिका में स्थापित हैं। ऐसी तीसरी वेधशाला भारत में बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मार्च, 2016 में अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे।
परमाणु ऊर्जा विभाग करेगा संचालित
लिगो इंडिया को संचालन परमाणु ऊर्जा विभाग करेगा। इसके निर्माण और संचालन में इस विभाग की तीन संस्थाएं और यूजीसी की एक स्वायत्त बॉडी की हिस्सेदारी होगी।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के हिंगोली में होगा निर्माण
परियोजना के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 174 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी भी मिल चुकी है।
विज्ञापन
परमाणु ऊर्जा विभाग ने इस बारे में जारी एक बयान में कहा, ब्रह्मांड की बेहतर समझ और न्यूट्रॉन सितारों व ब्लैक होल्स जैसी खगोलीय अवधारणाओं के अध्ययय के लिए गुरुत्वाकर्षी तरंगों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इन तरंगों को तलाशने और उनके स्रोत का पता लगाने के लिए कम से कम तीन वेधशालाओं की जरूरत होती है। दो पहले से अमेरिका में स्थापित हैं। ऐसी तीसरी वेधशाला भारत में बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मार्च, 2016 में अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे।
विज्ञापन
परमाणु ऊर्जा विभाग करेगा संचालित
लिगो इंडिया को संचालन परमाणु ऊर्जा विभाग करेगा। इसके निर्माण और संचालन में इस विभाग की तीन संस्थाएं और यूजीसी की एक स्वायत्त बॉडी की हिस्सेदारी होगी।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के हिंगोली में होगा निर्माण
परियोजना के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 174 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी भी मिल चुकी है।