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CJP Protest: 'चार बार भेजा बातचीत का प्रस्ताव', मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- किसी भी समय चर्चा को तैयार है सरकार

Thu, 23 Jul 2026 02:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 23 Jul 2026 02:15 PM IST
सार

पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेजने का दावा किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसी भी समय और किसी भी जगह चर्चा को तैयार है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बातचीत से यह गतिरोध खत्म हो पाएगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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govt offer talks rejected by cockroach janta party leadership sources
सीजेपी का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन सीजेपी के नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकार के सत्रों के हवाले से गुरुवार को यह जानकारी दी। इसी बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों को चार बार औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव भेजा है।  उन्होंने आगे कहा कि सरकार किसी भी समय, किसी भी जगह और प्रदर्शनकारियों की सुविधा के अनुसार बातचीत करने को तैयार है। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही सीजेपी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में आंदोलन और सरकार के बीच बना गतिरोध अभी भी कायम है।
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सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। सीजेपी से जुड़े युवा शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा, परीक्षा प्रणाली में बदलाव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच 25 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नरम रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं तो वह प्रदर्शनकारियों से फिलहाल आंदोलन स्थगित कर सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे।
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ये भी पढ़ें: पेपर लीक विवाद: पीएम मोदी बोले- दोषियों को जल्द सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी सरकार
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क्या कहा मंत्री जितेंद्र सिंह ने?

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दिन दोपहर से अब तक सरकार प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को चार औपचारिक प्रस्ताव भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि यह देश के सभी युवा साथियों के लिए खुला निमंत्रण है। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए किसी भी समय और किसी भी स्थान पर तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बना रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वह स्वयं बातचीत में शामिल होंगे। चर्चा जेपी नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए धीरे-धीरे समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। यह छात्रों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों का हिस्सा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से विनम्र अपील की कि वे आगे आएं और बातचीत करें।

पेपर लीक विवाद पर निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मामलों में समय पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई, दोबारा परीक्षा समय पर कराई गई और उसके बाद समय पर परिणाम भी घोषित किए गए, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने माना कि पेपर लीक की घटना से उन्हें शुरुआत में झटका लगा, लेकिन बाद में उन्होंने और मेहनत की। इससे उनका प्रदर्शन पहले से बेहतर हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रतिक्रिया दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस पूरे मामले पर सक्रिय हैं।

पेपर लीक रोकने के लिए सरकार क्या करने का दावा कर रही है?

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और वह छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की वास्तविक मांगों के प्रति पूरी सहानुभूति रखती है और शिक्षा व्यवस्था में जड़ से सुधार करना चाहती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की है। साथ ही कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली, अधिक तकनीक के इस्तेमाल और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि अभी और सुधार की जरूरत है तथा इसके लिए संसद में रचनात्मक बहस बेहद महत्वपूर्ण होगी।

बातचीत को लेकर नरम पड़े सोनम वांगचुक?

25 दिन से अनशन कर रहे लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर आंदोलन करने वाले युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं तो वे प्रदर्शनकारियों से अपील करेंगे कि अपने आंदोलन को अभी के लिए टाल दें। सरकार से बात शुरू करें। सोनम वांगचुक के बयान में नरमी सी दिखती है।
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