फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt issues clarification on documents needed for citizenship under CAA

MHA: सीएए के तहत नागरिकता के आवेदकों को आ रहीं दिक्कतें, जरूरी दस्तावेजों पर सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

Fri, 09 Aug 2024 05:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 09 Aug 2024 05:41 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि केंद्र या राज्य सरकारों या भारत में अर्ध न्यायिक निकाय की ओर से जारी जारी ऐसा कोई भी दस्तावेज स्वीकार किया जाएगा, जो यह साबित करता है कि माता-पिता, दादा-दादी या परदादा- परदादी तीन देशों में से किसी एक के नागरिक हैं या थे। 

विज्ञापन
Govt issues clarification on documents needed for citizenship under CAA
गृह मंत्रालय (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सरकार ने शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत जारी नियमों पर स्पष्टीकरण जारी किया। सीएए के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान से आने वाले उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने घोषणा की कि केंद्र या राज्य सरकारों या भारत में अर्ध न्यायिक निकाय की ओर से जारी जारी ऐसा कोई भी दस्तावेज स्वीकार किया जाएगा, जो यह साबित करता है कि माता-पिता, दादा-दादी या परदादा- परदादी तीनों देशों में से किसी एक के नागरिक हैं या थे। 

विज्ञापन


गृह मंत्रालय का स्पष्टीकरण नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता की मांग करने वाले कई आवेदकों को 2024 के नागरिकता नियमों के एक विशेष हिस्से में आ रही दिक्कतों के बाद आया है। 
विज्ञापन


नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 के पहले के प्रावधान में कहा गया है कि कोई भी दस्तावेज जो दिखाता है कि आवेदक के माता-पिता या दादा-दादी या परदादा-परदादी तीन देशों में से किसी एक यानी अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान के नागरिक हैं या थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह मंत्रालय ने अपने ताजा स्पष्टीकरण में कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि अनुसूची-1ए के क्रम संख्या 8 के तहत दस्तावेजों में केंद्र सरकार/राज्य सरकार/भारत में किसी भी न्यायिक या अर्ध न्यायिक निकाय द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज शामिल हो सकता है, जैसे कि भूमि रिकॉर्ड, न्यायिक आदेश आदि। यह दर्शाता है कि आवेदक या उसके माता-पिता या दादा-दादी अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान के नागरिक थे। 



अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के उत्पीड़ित उन हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए सीएए को 209 में अधिनियमित किया गया था, जो 3 दिसंबर 2014 को या उससे पहले  भारत आए थे। 

सीएए को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। लेकिन जिन नियमों के तहत भारतीय नागरिकता दी जानी है, वे चार साल की देरी के बाद इस साल 11 मार्च को हो जारी किए गए। मई से सरकार सीएए के तहत तीन देशों से आने वाले लोगों को नागरिकता दे रही है। वर्ष 2019 में सीएए को मंजूरी मिलने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण करार दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed