{"_id":"68753705dd11acf2070ce392","slug":"governor-of-arunachal-pradesh-participated-in-a-special-film-screening-for-children-and-also-encouraged-them-2025-07-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Arunachal Pradesh: राज्यपाल परनाइक ने बच्चों संग देखी ‘सितारे जमीन पर’, राजभवन की अनोखी पहल ने छू लिया दिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Arunachal Pradesh: राज्यपाल परनाइक ने बच्चों संग देखी ‘सितारे जमीन पर’, राजभवन की अनोखी पहल ने छू लिया दिल
Mon, 14 Jul 2025 10:27 PM IST
शुभम कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 14 Jul 2025 10:27 PM IST
सार
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने ओजू वेलफेयर एसोसिएशन और राजभवन परिवारों के 100 से अधिक बच्चों के साथ फिल्म 'सितारे जमीन पर' की विशेष स्क्रीनिंग में भाग लिया। यह आयोजन समावेशिता बढ़ाने और वंचित बच्चों के जीवन में खुशी भरने के उद्देश्य से राजभवन द्वारा किया गया था।
विज्ञापन
हृदयस्पर्शी पहल के तहत अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक
- फोटो : एजेंसी
विस्तार
सोमवार को समावेशिता को प्रोत्साहित करने और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से अरुणाचल प्रदेश के राजभवन की ओर से एक हृदयस्पर्शी पहल देखने को मिला। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने ओजू वेलफेयर एसोसिएशन मिशन और राजभवन परिवारों के सौ से अधिक बच्चों के साथ फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’की विशेष स्क्रीनिंग में भाग लिया।
यह सराहनीय आयोजन राजभवन द्वारा किया गया, जो पहली बार इस तरह का प्रयास था। इसका उद्देश्य विभिन्न और अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से आने वाले बच्चों, जिनमें अनाथ और कठिन हालात का सामना कर चुके बच्चे भी शामिल हैं, के लिए एक साझा सांस्कृतिक अनुभव सृजित करना था। यह पहल जरूरतमंद बच्चों के जीवन को छूने और उन्हें सशक्त करने के लिए राजभवन की सतत प्रयासों का हिस्सा रही, जो आशा, समानता और देखभाल का संदेश देती है।
ये भी पढ़ें:- Amit Shah: अमित शाह बोले- मोदी सरकार के 11 साल इतिहास में सोने के अक्षरों में लिखे जाएंगे, देश ने देखी तरक्की
विज्ञापन
विज्ञापन
यह सराहनीय आयोजन राजभवन द्वारा किया गया, जो पहली बार इस तरह का प्रयास था। इसका उद्देश्य विभिन्न और अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से आने वाले बच्चों, जिनमें अनाथ और कठिन हालात का सामना कर चुके बच्चे भी शामिल हैं, के लिए एक साझा सांस्कृतिक अनुभव सृजित करना था। यह पहल जरूरतमंद बच्चों के जीवन को छूने और उन्हें सशक्त करने के लिए राजभवन की सतत प्रयासों का हिस्सा रही, जो आशा, समानता और देखभाल का संदेश देती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- Amit Shah: अमित शाह बोले- मोदी सरकार के 11 साल इतिहास में सोने के अक्षरों में लिखे जाएंगे, देश ने देखी तरक्की
विज्ञापन
बच्चों से बातचीत करते हुए राज्यपाल केटी परनाइक
- फोटो : एजेंसी
राज्यपाल ने बच्चों से की बातचीत
राज्यपाल ने फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया। उनकी सादगी और आत्मीयता को बच्चों ने बेहद सराहा और कई बच्चों ने अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि हर बच्चे को खुश रहने, अवसर पाने और प्रोत्साहन का अधिकार है।
ये भी पढ़ें:- RSS: संविधान की प्रस्तावना से 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द हटाने की मांग तेज, ऑर्गेनाइजर में लिखा गया लेख
फिल्म की भावनात्मक प्रस्तुति
उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ फिल्म देखने भर का नहीं है, बल्कि बच्चों को यह याद दिलाने का अवसर है कि वे महत्वपूर्ण हैं, देखे और समझे जाते हैं और उन्हें समर्थन प्राप्त है। फिल्म की प्रेरक कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति ने बच्चों के दिलों को गहराई से छू लिया। पूरा ऑडिटोरियम बच्चों की हंसी, तालियों और गहन सोच के क्षणों से गूंज उठा, जबकि वे इस अनुभव में पूरी तरह डूबे हुए थे। बच्चों ने राज्यपाल को उनकी दया और देखभाल के लिए धन्यवाद दिया।
राज्यपाल ने फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया। उनकी सादगी और आत्मीयता को बच्चों ने बेहद सराहा और कई बच्चों ने अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि हर बच्चे को खुश रहने, अवसर पाने और प्रोत्साहन का अधिकार है।
ये भी पढ़ें:- RSS: संविधान की प्रस्तावना से 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द हटाने की मांग तेज, ऑर्गेनाइजर में लिखा गया लेख
फिल्म की भावनात्मक प्रस्तुति
उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ फिल्म देखने भर का नहीं है, बल्कि बच्चों को यह याद दिलाने का अवसर है कि वे महत्वपूर्ण हैं, देखे और समझे जाते हैं और उन्हें समर्थन प्राप्त है। फिल्म की प्रेरक कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति ने बच्चों के दिलों को गहराई से छू लिया। पूरा ऑडिटोरियम बच्चों की हंसी, तालियों और गहन सोच के क्षणों से गूंज उठा, जबकि वे इस अनुभव में पूरी तरह डूबे हुए थे। बच्चों ने राज्यपाल को उनकी दया और देखभाल के लिए धन्यवाद दिया।