केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना हिंदुत्व को बढ़ावा तो नहीं ? SC ने केंद्र से मांगा जवाब
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केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। याचिकार्ता ने कोर्ट में दलील दी है कि केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना एक खास धर्म (हिंदुत्व) को बढ़ावा देती है। इसी याचिका पर सुनवाई के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
इन तमाम सवालों के जवाब कोर्ट ने 4 हफ्ते में तलब किये हैं। सुप्रीम कोर्ट में विनायक शाह ने याचिका लगाई है, जिनके बच्चे केंद्रीय विद्यालय में पढ़े हैं।
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक चूंकि केंद्रीय विद्यालय केन्द्र सरकार के अधीन आते हैं इसलिए एक खास धर्म को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। 2015 के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में 1,125 केंद्रीय विद्यालय हैं, वहीं विदेश में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या तीन है।
वहीं अगर बात की जाए केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कुल विद्यार्थियों की तो यह संख्या तकरीबन 11 लाख है। अब देखना है कि इस मामले में सरकार की तरफ से क्या जवाब आता है।
बता दें कि केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत की ये प्रार्थनाएं होती हैं-
असतो मा सदगमय!
तमसो मा ज्योतिर्गमय!
मृत्योर्मामृतं गमय!
Supreme Court issued notice to the Central government after hearing a PIL which alleged that school prayers in Kendriya Vidyalayas propagate Hinduism and they should not be allowed as they are run by Government.
— ANI (@ANI) January 10, 2018