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ग्लेंडर्स संक्रमित घोड़ों को जहर देकर दफनाया, 4 दिन में मिले 700 ब्लड सैंपल

Thu, 28 Dec 2017 11:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली Updated Thu, 28 Dec 2017 11:15 AM IST
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Glanders Poisoned Horses Killed in Delhi
Horse

ग्लेंडर्स नामक संक्रमण से संक्रमित सभी घोड़ों को जहर देकर दफना दिया गया है। बुधवार को पशुपालन विभाग की टीम ने राजा गार्डन स्थित संजय गांधी पशु चिकित्सालय के पीछे जेसीबी से गड्डा खोद कर इन्हें दफना दिया गया। उधर, बाकी घोड़ों के ब्लड सैंपल लेने का सिलसिला जारी है।

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विभाग के अनुसार, पिछले चार दिन में 700 से सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग अग्रिम कार्रवाई करेगा। इन घोड़ों को मारने के लिए दिनभर टीमें योजना बनाने में लगी रहीं। 
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दोपहर बाद करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन में इन्हें मारा गया। पशुपालन विभाग के निदेशक डा. जितेंद्र गौड़ ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ग्लेंडर्स संक्रमण काफी जानलेवा होता है। इंसानों को भी इससे खतरा रहता है। चूंकि इसका कोई इलाज नहीं है। 

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पशुओं में यह संक्रमण मिलने पर उन्हें मार देना ही एकमात्र विकल्प बचता है। दिल्ली में ग्लेंडर्स को लेकर जानवरों में संक्रमण और संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2009 के तहत संक्रमित जानवरों को मार देने का प्रावधान है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई है। 

परेड में इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं 

Glanders Poisoned Horses Killed in Delhi
प्रतीकात्मक फोटो

विभागीय सूत्रों से गणतंत्र दिवस को लेकर भी बड़ी खबर मिली है। बताया जा रहा है कि संक्रमण को लेकर दिल्ली पुलिस और बीएसएफ को क्लीन चिट दी गई है। 26 जनवरी को होने वाली परेड में घोड़ों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं लगेगा। 

शादियों में घोड़ा-घोड़ी मिलने मुश्किल 
गणतंत्र दिवस पर घोड़ों को शामिल करने की अटकलें दूर होने के बाद अगले महीने से शुरू हो रहे शादियों के सीजन को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विभाग की ओर से फिलहाल शादियों में घोड़ा-घोड़ी के इस्तेमाल को लेकर राहत नहीं दी गई है। 

बताया जा रहा है कि अगले तीन महीने तक पशुपालन विभाग दिल्ली में सर्विलांस पर काम करेगा। पश्चिमी दिल्ली के 50 किलोमीटर के क्षेत्र को घोड़ों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। शादीपुर, मोतीनगर, करोल बाग, पंजाबी बाग, धौला कुंआ, नई दिल्ली, कीर्ति नगर, झंडेवालन, कनॉट प्लेस, पहाड़गंज, राजेंद्र प्लेस, रोहतक रोड, नांगलोई तक घोड़ों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। 

पशुपालन विभाग ने साधी चुप्पी
यूं तो दिल्ली में ग्लेंडर्स पहली बार सामने आया है। इंसानों में फैलने वाले इस जानलेवा संक्रमण का राजधानी में प्रवेश कैसे हुआ? घोड़ों में यह संक्रमण कहां से आया? कौन सा घोड़ा सबसे पहले संक्रमित हुआ था? संजय गांधी अस्पताल में यह घोड़े कहां से आए? इन सभी सवाल पर पशुपालन विभाग ने चुप्पी साध ली है। बहरहाल, घोड़ों के संक्रमण पर विभाग ने यूपी और हरियाणा को जिम्मेदार ठहराया है।

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