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पाकिस्तान में गिलगित-बल्तिस्तान को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया गया: पाकिस्तानी विशेषज्ञ

Sun, 18 Aug 2019 10:11 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Sun, 18 Aug 2019 10:11 PM IST
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Gilgit Baltistan is the most ignored in Pakistan
गिलगित-बल्तिस्तान विरोध (फाइल फोटो)

बर्फ से ढंके पर्वतों की 32 चोटियां, विशाल ग्लेशियर, हरी-भरी घाटियां और मीठे पानी की झीलों के साथ गिलगित-बल्तिस्तान विश्व की सबसे खूबसूरत जगहों में एक है। साथ ही, वहां सोना, चांदी और यूरेनियम के प्रचुर भंडार भी हैं। 

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हालांकि, पाकिस्तान के करीब सात दशक के अवैध कब्जे के दौरान गिलगित-बल्तिस्तान को पूरे दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया गया और उसे एक पिछड़ा और आर्थिक रूप से सबसे कमजोर बना दिया। तीन पाकिस्तानी विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई एक नयी पुस्तक, ‘पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर- पॉलिटिक्स, पार्टीज एंड पर्सनैलिटीज’ में ये बातें कही गईं हैं।
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पुस्तक में कहा गया है, ‘पाकिस्तान सरकार ने गिलगित-बल्तिस्तान के लोगों की आर्थिक हालत में सुधार करने के लिए कुछ खास नहीं किया है। इस इलाके को दक्षिण एशिया में सर्वाधिक पिछड़ा माना जाता है।’
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अन्य विशेषज्ञों ने भी कहा है कि पाकिस्तान ने क्षेत्र के लोगों का सुनियोजित तरीके से दमन किया है, जो ज्यादातर शिया हैं और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से सुन्नी आबादी के वहां उमड़ने का सामना कर रहे हैँ। 

रणनीतिक मामलों के एक विशेषज्ञ तिलक देवाशेर ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद को जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक अधिकारों और ‘आत्म निर्णय’ (के अधिकार) का सबसे बड़े समर्थक के रूप में पेश किया है, लेकिन सच्चाई यह है कि गिलगित-बल्तिस्तान में वह, लोगों के सुनियोजित दमन में लगा हुआ है। 

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