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German Foreign Minister: अन्नालेना बेयरबाख ने कहा- भारत जर्मनी का स्वाभाविक भागीदार : अन्नालेना बेयरबाख
Thu, 08 Dec 2022 06:42 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 08 Dec 2022 06:42 AM IST
सार
दिल्ली स्थित थिंक टैंक ओआरएफ कार्यक्रम के दौरान कहा, इस जीवंत क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एशिया में एक उभरती हुई राजनीतिक और आर्थिक शक्ति के रूप में भारत हमारे लिए उथल-पुथल भरे समुद्र को साथ-साथ पार करने का स्वाभाविक भागीदार है।
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German Foreign Minister Baerbock
- फोटो : ANI
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विस्तार
जर्मन विदेश मंत्री अन्नालेना बेयरबाख ने भारत को जर्मनी का स्वाभाविक भागीदार बताया है। उनका मानना है कि इस उथल-पुथल भरे समुद्र से निकलने के लिए भारत जर्मनी के साथ आगे बढ़ेगा, क्योंकि कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संघर्ष के कारण दुनिया अनिश्चितता का सामना कर रही है। जर्मन मंत्री नई दिल्ली में मंगलवार को भारत त्रिपक्षीय फोरम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने अमेरिका स्थित जर्मन मार्शल फंड और नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा, इस जीवंत क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एशिया में एक उभरती हुई राजनीतिक और आर्थिक शक्ति के रूप में भारत हमारे लिए उथल-पुथल भरे समुद्र को साथ-साथ पार करने का स्वाभाविक भागीदार है। क्योंकि, यदि आप अशांत समुद्र में जा रहे हैं, तो आपको अपने सहयोगियों पर विश्वास करना होगा। कहा, अगर आप किसी पर भरोसा करते हैं, तो आपको हर चीज पर एक जैसी राय साझा करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, जब आपके सबसे खास मूल्यों, सबसे खास विश्वासों की बात आती है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आपके सोचने का एक ही तरीका साझा करें। बेयरबॉख ने जोर देकर कहा कि भारत और जर्मनी दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने लोगों को सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करें।
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उन्होंने अमेरिका स्थित जर्मन मार्शल फंड और नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा, इस जीवंत क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एशिया में एक उभरती हुई राजनीतिक और आर्थिक शक्ति के रूप में भारत हमारे लिए उथल-पुथल भरे समुद्र को साथ-साथ पार करने का स्वाभाविक भागीदार है। क्योंकि, यदि आप अशांत समुद्र में जा रहे हैं, तो आपको अपने सहयोगियों पर विश्वास करना होगा। कहा, अगर आप किसी पर भरोसा करते हैं, तो आपको हर चीज पर एक जैसी राय साझा करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, जब आपके सबसे खास मूल्यों, सबसे खास विश्वासों की बात आती है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आपके सोचने का एक ही तरीका साझा करें। बेयरबॉख ने जोर देकर कहा कि भारत और जर्मनी दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने लोगों को सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करें।
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