फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   General Quota: Government jobs are shrinking then how can it provide reservation

नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण कैसे देगी सरकार, हर साल घट रहा है रोजगार

Sat, 19 Jan 2019 10:07 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 19 Jan 2019 10:07 AM IST
विज्ञापन
General Quota: Government jobs are shrinking then how can it provide reservation
सांकेतिक तस्वीर

सरकारी नौकरियों में इजाफा होने की जगह कमी आती जा रही है। ऐसे में हाल ही में केंद्र सरकार ने संविधान में संशोधन करके गरीबों को आरक्षण कानून के तहत सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार पूरे देश में सबसे ज्यादा नौकरियां पैदा किया करता था लेकिन 2004 से इसमें 75,000 की कमी आई है।

विज्ञापन


केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या में 1 मार्च, 2014 की तुलना में 75,231 की कमी आई है। हर साल बजट में सरकार अनुमानित कर्मचारियों की घोषणा करती है। यह भी बताती है कि पिछले साल यह संख्या कितनी थी और अगले साल कितनी रहेगी। 2018-19 के बजट के अनुसार कर्मचारियों की वास्तविक संख्या 32.52 लाख है, जिसमें भारतीय रेलवे शामिल है लेकिन रक्षा सेवा नहीं। इसमें 55 मंत्रालय और विभाग शामिल हैं। इसमें 75,231 कर्मियों की कमी आई है। पहले यह संख्या 1 मार्च, 2014 में 33.3 लाख थी। 
विज्ञापन


हर साल वादे के अनुसार 2018-19 के बजट में कर्मचारियों की संख्या को 35 लाख से ऊपर बताया गया था यानी 2.50 लाख नौकरियां पैदा की जानी थी। पिछले चार सालों से सरकार हर साल 2 लाख के अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ना चाहती है। हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों की असल संख्या घटती जा रही है। कर्मचारियों की संख्या घटने का प्रमुख कारण कांट्रैक्टर के जरिए भर्ती करना है। जिसमें सपोर्ट स्टाफ जैसे चपरासी और ड्राइवर शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई सालों से सेवानिवृत्त हुए लोगों की जगह नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। इसके बजाए कई मामलों में उन्हें पेंशन मिलने के बावजूद कंसल्टेंट के तौर पर उनकी दोबारा नियुक्ति की गई है। मैनपावर (श्रमशक्ति) के मामले में भारतीय रेलवे की हालत बहुत खराब है। उसका मैनपावर 2018 में 2010 के स्तर पर पहुंच गया था। 2017 में उसके 23,000 कर्मचारियों की छंटाई की गई थी। 2016 मे जहां उसके पास 13.31 लाख कर्मचारी थे वहीं अब 13.08 लाख हैं। पिछले बजट में सरकार ने रेलवे के मैनपावर को बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया था।


ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 2.50 लाख नौकरियां कहां से आएंगी? सरकार के अनुमान के अनुसार नौकरियां पुलिस बलों (सेंट्रल पैरामिलिट्री) में पैदा की जाएंगी। उनकी संख्या को 10.24 लाख से 11.25 लाख किया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रत्यक्ष कर विभाग के कर्मचारियों की संख्या 45,000 से 80,000 हो जाएगी। इसके अलावा अप्रत्यक्ष कर विभाग जिसमें कस्टम और सेंट्रल एक्साइज आता है उसके कर्मियों की संख्या 54,000 से बढ़कर 93,000 की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed