फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   GDP grew fastest among big countries first half estimate increased by 7.7 percent to Rs 82.11 lakh crore

GDP: बड़े देशों में तेजी से बढ़ी हमारी जीडीपी, पहली छमाही का अनुमान 7.7 फीसदी बढ़कर 82.11 लाख करोड़ रुपये

Fri, 01 Dec 2023 06:05 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 01 Dec 2023 06:05 AM IST
सार

आठ प्रमुख इन्फ्रा क्षेत्रों की वृद्धि अक्तूबर में 12.1% रही है। एक साल पहले 0.7% बढ़ी थी।  सितंबर में इनकी विकास दर 9.2% रही थी। अप्रैल से अक्तूबर के दौरान 8.6% रही है जो एक साल पहले 8.4% रही थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इनका योगदान 40% है।
 

विज्ञापन
GDP grew fastest among big countries first half estimate increased by 7.7 percent to Rs 82.11 lakh crore
GDP - फोटो : Social Media

विस्तार

पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका और चीन में आर्थिक सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने दूसरी तिमाही में सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए 7.6 फीसदी की दर से विकास हासिल की है। हमारी जीडीपी दुनिया के बड़े देशों की तुलना में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ी है। इस दौरान चीन की विकास दर केवल 4.9 फीसदी रही है।
विज्ञापन


अप्रैल से सितंबर के दौरान पहली छमाही में जीडीपी का अनुमान 7.7 फीसदी बढ़कर 82.11 लाख करोड़ रहा है, जो एक साल पहले 76.22 लाख करोड़ रुपये रहा था। 2022-23 की पहली छमाही में इसमें 9.5 फीसदी की दर से बढ़त दर्ज की गई थी। अप्रैल से सितंबर के बीच वर्तमान मूल्य पर हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 142.33 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। एक साल पहले के 131.09 लाख करोड़ रुपये की तुलना में यह अनुमान 8.6 फीसदी अधिक है। 2022-23 में इसी अवधि में यह 22.2 फीसदी बढ़ा था।
विज्ञापन


आठ प्रमुख इन्फ्रा क्षेत्रों की वृद्धि दर 12.1%
आठ प्रमुख इन्फ्रा क्षेत्रों की वृद्धि अक्तूबर में 12.1% रही है। एक साल पहले 0.7% बढ़ी थी।  सितंबर में इनकी विकास दर 9.2% रही थी। अप्रैल से अक्तूबर के दौरान 8.6% रही है जो एक साल पहले 8.4% रही थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इनका योगदान 40% है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का 45 फीसदी
देश का राजकोषीय घाटा अप्रैल से अक्तूबर में 8.03 लाख करोड़ रहा है। यह सरकार के पूरे साल के बजट लक्ष्य का 45 प्रतिशत है। पिछले साल 45.6 प्रतिशत था। 2023-24 के लिए सरकार ने 17.86 लाख करोड़ या जीडीपी का 5.9 फीसदी के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है। सरकार के खर्च और राजस्व के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं। कुल राजस्व में 13.02 लाख करोड़ टैक्स और 2.66 लाख करोड़ गैर टैक्स रहा। गैर टैक्स राजस्व इसलिए बढ़ा, क्योंकि आरबीआई ने सरकार को 87,416 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed