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Maharashtra: जीबीएस का बढ़ रहा कहर, अब तक पांच मौतें, 140 केस सामने आए; पानी के नमूनों में मिला बैक्टीरिया

Sat, 01 Feb 2025 10:58 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Sat, 01 Feb 2025 10:58 AM IST
सार

राज्य में अब तक जीबीएस के संदिग्ध 149 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 124 में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुणे से 29 मरीज हैं। पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों से 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से आठ नमूने दूषित पाए गए।

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GBS is wreaking havoc in maharashtra, four deaths so far, 140 cases reported; Bacteria found in water samples
गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) - फोटो : stock

विस्तार

महाराष्ट्र में गुलियन बैरे सिंड्रोम से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक जीबीएस के संदिग्ध 149 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 124 में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुणे से 29 मरीज हैं। 

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स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पिंपरी चिंचवाड़ के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल में एक 36 वर्षीय व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उनके शरीर में निमोनिया के कारण श्वसन तंत्र पर असर पड़ा था।  उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुणे के धायरी इलाके के 60 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हुई। उन्हें दस्त और कमजोरी के कारण 27 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। 
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राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 149 संदिग्ध मरीज हैं। 124 मरीजों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। 29 मरीज पुणे शहर से हैं। जबकि 78 नए मरीज पुणे नगर निगम क्षेत्र के गांवों में मिले हैं। 15 मरीज पिंपरी चिंचवाड़ क्षेत्र, 10 मरीज पुणे ग्रामीण और 11 अन्य जिलों में मिले हैं। शुक्रवार को कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया। राज्य में सबसे ज्यादा मामले पुणे और उसके आसपास के इलाकों से सामने आए। 
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों से 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से आठ नमूने दूषित पाए गए। सिंहगढ़ रोड के कुछ बोरवेल से मिले नमूनों में ई.कोली बैक्टीरिया पाया गया है। उन्होंने बताया कि ई.कोली का पानी में होना मल या पशु अपशिष्ट के प्रदूषण का संकेत है, और यह जीबीएस संक्रमण का कारण बन सकता है। 

नांदेड़्र, किरकटवाड़ी, धायरी और सिंहगढ़ रोड से जुड़े तमाम इलाकों से पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने बोरवेल और कुओं से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पुणे नगर निगम के जलापूर्ति विभाग के प्रमुख नंदकिशोर जगताप ने बताया कि कल हमने जीबीएस प्रभावित क्षेत्र सिंहगढ़ रोड के निजी बोरवेल और कुओं से नमूने लिए। एक नमूने में  ई.कोली बैक्टीरिया पाया गया। 


उन्होंने कहा कि दो दिन पहले निजी ट्यूबवेल ऑपरेटरों और बोरवेल्स संचालकों के साथ बैठक की गई थी। उनको निर्देश दिया गया था कि बैक्टीरिया को रोकने के लिए पीएमसी द्वारा प्रदान किए गए ब्लीचिंग पावर का उपयोग करें। हमारे विशेषज्ञों ने उन्हें पानी में घोल कैसे मिलाया जाए, इसका प्रदर्शन दिया। नांदेड़ क्षेत्र में बोरवेल प्वाइंट को ब्लीचिंग पावर घोल का उपयोग करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

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